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धनतेरस-दिवाली पर सोना-चांदी खरीदने की तैयारी? हॉलमार्क से मेकिंग चार्ज तक, ऐसे करें सबकुछ चेक

अगर आप धनतेरस या दिवाली पर सोना या चांदी के गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं तो कुछ बातों का खास ख्याल रखें। इससे आप ठगे नहीं जाएंगे।

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दिवाली पर सोने की खरीदारी

धनतेरस और दिवाली के पहले इस बार सोने और चांदी की कीमत में बड़ी गिरावट आई है। ऐसे में अगर आप सोने या चांदी के गहने या कुछ और आइटम खरीदने की योजना बना रहे हैं तो कुछ जानकारी आपको जरूर होनी चाहिए नहीं तो जल्दबाजी में की गई खरीदारी आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है। सोने या चांदी की खरीदारी में सिर्फ भाव देखना काफी नहीं है। शुद्धता, हॉलमार्क, HUID, मेकिंग चार्ज, नगों का वजन और बिल की जांच करना भी जरूरी है। आइए आपको बताते हैं कि सोने या चांदी की खरीदारी में किन बातों का ख्याल जरूर रखें।

1. सोने की शुद्धता कैसे जांचें?

- सोना खरीदते समय BIS हॉलमार्क जरूर देखें।

- हॉलमार्क में तीन चीजें होनी चाहिए: BIS का लोगो, सोने की शुद्धता (कैरेट और फाइननेस) और छह अंकों का HUID नंबर।

- 22 कैरेट सोने पर 916, 18 कैरेट पर 750 और 24 कैरेट पर 999 फाइननेस का निशान होता है।

- BIS Care App के Verify HUID फीचर से हॉलमार्क की प्रामाणिकता जांच सकते हैं।

2. HUID नंबर जरूर चेक करें

हर हॉलमार्क वाले सोने के आभूषण का अलग छह अंकों का अल्फान्यूमेरिक HUID नंबर होता है। इससे आभूषण की शुद्धता, हॉलमार्किंग सेंटर और ज्वेलर से जुड़ी जानकारी की पुष्टि की जा सकती है।

3. चांदी खरीदते समय क्या देखें?

- चांदी के सिक्के, बर्तन या गहने खरीदते समय उनकी शुद्धता और फाइननेस की जानकारी लें।

- 925 का मतलब 92.5% शुद्ध चांदी (Sterling Silver) और 999 का मतलब 99.9% शुद्ध चांदी है।

- BIS हॉलमार्क और विक्रेता की प्रमाणिकता जांचें।

- सिक्के या बार खरीदते समय पैकेजिंग, वजन और शुद्धता का प्रमाण जरूर लें।

4. मेकिंग चार्ज का खेल समझें

- सोने के आभूषण की कीमत सिर्फ सोने के वजन और बाजार भाव से तय नहीं होती।

- मेकिंग चार्ज डिजाइन और बनाने की मेहनत के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है।

- यह प्रति ग्राम या सोने की कीमत के प्रतिशत के रूप में लिया जा सकता है।

- खरीदारी से पहले मेकिंग चार्ज पर मोलभाव करें और वेस्टेज चार्ज अलग से समझें।

5. पत्थर और नग वाले गहनों में रहें सावधान

- हीरे, मोती और दूसरे नगों का वजन सोने के कुल वजन में शामिल हो सकता है।

- सोने का वास्तविक वजन यानी नेट गोल्ड वेट जरूर पूछें।

- नगों की कीमत और सोने की कीमत का अलग-अलग ब्रेकअप लें।

6. बिल में किन बातों का होना जरूरी है?

- आभूषण का पूरा विवरण।

- सोने या चांदी का शुद्ध वजन।

- कैरेट और फाइननेस।

- हॉलमार्किंग की जानकारी।

- मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क।

- GST और कुल भुगतान की राशि।

-BIS के दिशानिर्देशों के अनुसार, हॉलमार्क वाले आभूषण की खरीद पर वैध बिल लेना जरूरी है।

7. पुराना सोना बेचने में न करें ये गलतियां

- ज्वेलर की बायबैक और एक्सचेंज पॉलिसी पहले समझें।

- पुराने गहने का मूल्यांकन किस शुद्धता और वजन के आधार पर होगा, पूछें।

- मेकिंग चार्ज और अन्य कटौती की जानकारी पहले लें।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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