Gold Silver Price Crash : धनतेरस और दिवाली से पहले सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बाजार से मिला-जुला संकेत है। अक्टूबर में सोने की कीमत करीब 7% और चांदी की कीमत लगभग 20% टूट गई। इससे खरीदारों को बड़ी राहत की उम्मीद जगी थी। 2 नवंबर को दोनों की कीमतों में अच्छी रिकवरी भी आई, लेकिन 3 नवंबर को फिर बिकवाली लौट आई। मंगलवार को MCX पर सोना करीब ₹1,400 प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब ₹4,300 प्रति किलो तक फिसल गई।
ऐसे में सवाल है कि क्या अक्टूबर की बड़ी गिरावट और मंगलवार की ताजा कमजोरी धनतेरस पर खरीदारी का मौका है या अभी और सस्ता होने का इंतजार करना चाहिए? कमोडिटी एक्सपर्ट्स की सलाह है कि बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए एकमुश्त खरीदारी करने के बजाय किस्तों में पैसा लगाना बेहतर होगा।
3 नवंबर को फिर क्यों टूटा सोना-चांदी?
MCX पर दिसंबर 2026 डिलीवरी वाला सोना मंगलवार को ₹1,400 गिरकर करीब ₹1,38,823 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं चांदी का दिसंबर वायदा करीब ₹4,300 टूटकर ₹1,83,779 प्रति किलो पर पहुंच गया। इंटरनेशनल मार्केट में मंगलवार को स्पॉट गोल्ड करीब 0.9% गिरकर 3,913.62 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
इस गिरावट के पीछे अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका और कच्चे तेल की कीमतों में दोबारा तेजी अहम वजह हैं।
इसके अलावा निवेशकों की नजर अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के नतीजों पर है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका भी बाजार पर दबाव डाल रही है। ट्रेडर्स दिसंबर में रेट हाइक की करीब 73% संभावना देख रहे हैं। ब्याज दरें बढ़ने पर सोने जैसे ऐसे निवेश में आकर्षण घटता है।
अक्टूबर में चांदी सोने से तीन गुना ज्यादा टूटी
अक्टूबर में MCX पर सोने की कीमत करीब 7% और चांदी की कीमत लगभग 20% गिर गई। यानी चांदी में सोने के मुकाबले करीब तीन गुना ज्यादा गिरावट आई। 2 नवंबर को दोनों धातुओं में रिकवरी जरूर हुई थी। लेकिन मंगलवार की बिकवाली ने एक बार फिर बाजार की कमजोरी उजागर कर दी। चांदी में ज्यादा गिरावट की वजह इसकी अधिक वोलैटिलिटी और औद्योगिक मांग पर निर्भरता है। वहीं, सोने को केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और सुरक्षित निवेश की मांग से समर्थन मिलता रहा है।
गोल्ड में तेजी की उम्मीद नहीं
Bank of America (BofA) को भी निकट अवधि में सोने की कीमतों में बहुत मजबूत तेजी की उम्मीद नहीं है। बैंक का अनुमान है कि अगले तीन महीनों में सोना 4,000 डॉलर प्रति औंस के नीचे रह सकता है। उसके डिमांड ट्रैकर के मुताबिक, प्रमुख खरीदारों की खरीदारी में सालाना आधार पर 16.6% की गिरावट आई है। भारत के सोने के आयात में 77.8% की कमी आई, जबकि चीन के आयात में 39.3% की बढ़ोतरी हुई।
क्या है एक्सपर्ट की सलाह?
ज्यादातर ब्रोकरेज और एक्सपर्ट की सलाह है कि अगर गोल्ड-सिल्वर निवेश के मकसद से खरीद रहे हैं, तो पूरी पूंजी एक साथ लगाने की जगह किस्तों में लगाएं। वहीं, अगर धनतेरस पर कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने-चांदी की कीमतों में आई बड़ी गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए खरीदारी का अवसर हो सकती है, लेकिन अभी बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। इसलिए धनतेरस पर पूरी रकम एक साथ लगाने के बजाय 2-3 किस्तों में खरीदारी करना बेहतर होगा।
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