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बिहार के ककोलत वॉटरफॉल में उमड़ी हद से ज्यादा भीड़, हादसे की बढ़ी आशंका; अलर्ट मोड पर प्रशासन

बिहार के नवादा जिले स्थित ककोलत जलप्रपात इन दिनों अत्यधिक भीड़ और अव्यवस्थित स्थिति के कारण सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। गर्मी के मौसम में बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग यहां पहुंच रहे हैं, जिससे मुख्य कुंड क्षेत्र पूरी तरह भर गया है और हादसे का खतरा बढ़ गया है।

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ककोलत जलप्रपात में बढ़ती भीड़ से बिगड़े हालात (फोटो: Twitter- @_vivekthakur)

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Kakolat Waterfall Crowd: बिहार के नवादा जिले में स्थित प्रसिद्ध ककोलत जलप्रपात इन दिनों सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। भीषण गर्मी के बीच यहां ठंडे पानी का आनंद लेने के लिए पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। स्थिति यह है कि मुख्य कुंड में इतनी अधिक भीड़ हो गई है कि वहां पैर रखने तक की जगह नहीं बची है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस अव्यवस्थित भीड़ के पीछे वन विभाग की लापरवाही भी जिम्मेदार मानी जा रही है। आरोप है कि बिना किसी उचित नियंत्रण के बड़ी संख्या में टिकट जारी किए जा रहे हैं और लगातार लोगों को प्रवेश दिया जा रहा है। हर दिन हजारों वाहन पर्यटकों को लेकर यहां पहुंच रहे हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर है। पार्किंग, सुरक्षा गार्ड, लाइफ जैकेट और प्राथमिक चिकित्सा जैसी जरूरी सुविधाओं की भारी कमी है। भीड़ के दबाव में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी जोखिम उठाकर पानी में उतरने को मजबूर हैं, जिससे स्थिति और अधिक खतरनाक होती जा रही है।

SDO ने लिया मामले का संज्ञान

ककोलत कुंड में क्षमता से अधिक भीड़ और अव्यवस्था की गंभीर स्थिति को देखते हुए रजौली के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) स्वतंत्र कुमार सुमन ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में पर्यटकों की संख्या नियंत्रित करने, प्रवेश के लिए बैच सिस्टम लागू करने, समय स्लॉट तय करने और कुंड क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने जैसे कई अहम और सख्त निर्णय लिए जाने की संभावना है।

वन विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे

स्थानीय लोगों ने वन विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि विभाग इस प्राकृतिक पर्यटन स्थल को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के बजाय केवल अधिक से अधिक टिकट बेचकर राजस्व वसूली पर ध्यान दे रहा है, जबकि सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी भीड़ नियंत्रण को लेकर कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन उन पर अमल नहीं हुआ। साथ ही यह भी मांग की जा रही है कि मुख्य कुंड में एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के स्नान पर रोक लगाई जाए।

स्थिति में जल्द सुधार होने का आश्वासन

प्रशासन ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि वन विभाग के साथ बैठक के बाद स्थिति में जल्द सुधार होगा और पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। गौरतलब है कि ककोलत जलप्रपात अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता के कारण ‘बिहार का कश्मीर’ कहा जाता है और यह राज्य का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। ऐसे में इसकी गरिमा बनाए रखने के साथ-साथ हर पर्यटक की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी बेहद जरूरी है।

सांसद विवेक ठाकुर ने की लोगों से यह अपील

वहीं नवादा के सांसद विवेक ठाकुर ने एक वीडियो जारी करते हुए अपने एक्स पर लिखा कि, "ककोलत जलप्रपात में अत्यधिक भीड़ उमड़ रही है, जिससे किसी भी दिन अप्रिय घटना या जनहानि की आशंका बनी हुई है। नवादा एवं आसपास के सभी क्षेत्रवासियों से मेरा निवेदन है कि प्रशासन का सहयोग करें। यदि भीड़ अधिक हो, तो कृपया वहां जाने से फिलहाल परहेज करें और विशेष रूप से अपने बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखें। आपकी सतर्कता और सहयोग ही सभी की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है।"

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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