केंद्र सरकार ने देश में कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) क्षेत्र को नई गति देने के लिए ₹23,731 करोड़ की राष्ट्रीय एकीकृत गोबरधन (GOBARdhan) योजना को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए इस फैसले का उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वागत करते हुए पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्रिमंडल का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय किसानों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र के लिए दूरगामी साबित होगा।
CM Pushkar Singh Dhami ने कहा कि योजना से देश में कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) का उत्पादन मौजूदा स्तर की तुलना में लगभग 10 गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही जैविक अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा और गोबर व अन्य जैविक कचरे से ऊर्जा उत्पादन का दायरा बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि इस पहल से किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए आय के नए अवसर सृजित होंगे। जैविक कचरे को संसाधन में बदलने की दिशा में यह योजना सर्कुलर बायोइकोनॉमी को भी मजबूत करेगी। इससे निजी निवेश आकर्षित होने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर विकसित होने की संभावना है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुसार, यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू रहेगी। इसके तहत CBG की सुनिश्चित खरीद, स्थिर मूल्य निर्धारण व्यवस्था, पूंजीगत सहायता, पाइपलाइन नेटवर्क के विकास, ऋण गारंटी सहायता तथा CBG इकोसिस्टम चैलेंज फंड जैसे प्रावधान किए गए हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह पहल जीवाश्म ईंधन और ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम करने में भी अहम भूमिका निभाएगी। उनके अनुसार, स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई गति मिलेगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, कार्बन उत्सर्जन में कमी और सतत विकास के राष्ट्रीय लक्ष्यों को भी बल मिलेगा।
