Dehradun News: देहरादून सचिवालय में शुक्रवार को एक अहम बैठक का माहौल पूरी तरह बदला हुआ नजर आया, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने तय कार्यक्रम से हटकर अचानक औचक निरीक्षण का फैसला कर लिया। सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा बैठक के लिए अधिकारी पहले से तैयार बैठे थे, लेकिन मुख्यमंत्री सीधे जमीन पर हकीकत देखने निकल पड़े।
कुछ ही देर में मुख्यमंत्री का काफिला देहरादून के राजपुर रोड स्थित जाखन क्षेत्र पहुंचा, जहां विवेक मदान नामक शिकायतकर्ता की समस्या लंबे समय से लंबित थी। मुख्यमंत्री ने बिना किसी औपचारिकता के मौके पर पहुंचकर न सिर्फ शिकायत सुनी, बल्कि वास्तविक स्थिति का निरीक्षण भी किया।
जांच में सामने आया कि विद्युत लाइनों को अंडरग्राउंड करने के बाद फुटपाथ का सही तरीके से निर्माण नहीं किया गया था। कई जगह टाइल्स धंस चुकी थीं और कुछ स्थानों पर बिजली की लाइनें पूरी तरह अंडरग्राउंड भी नहीं थीं, जो आम लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती थीं।
इस स्थिति को देखकर मुख्यमंत्री का रुख और सख्त हो गया। उन्होंने उसी समय अधिकारियों से सीधे प्रश्न किए कि इस काम की गुणवत्ता जांच कैसे हुई और अगर जांच हुई तो ऐसी स्थिति क्यों बनी? उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने मौके पर ही निर्देश दिए कि फुटपाथ का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण तुरंत कराया जाए और सभी विद्युत लाइनों को मानकों के अनुसार पूरी तरह अंडरग्राउंड किया जाए। साथ ही सीएम ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई के आदेश भी दिए।
इसके बाद जब मुख्यमंत्री सचिवालय लौटे तो समीक्षा बैठक का स्वर भी पूरी तरह बदल चुका था। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि CM Helpline 1905 पर दर्ज हर शिकायत का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। अब सिर्फ कागजी रिपोर्ट नहीं, बल्कि हर मामले का फील्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा।
मुख्यमंत्री ने विभागों के बीच तालमेल की कमी पर भी नाराजगी जताई और बार-बार एक ही जगह खुदाई करने की प्रवृत्ति को तुरंत रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली, सड़क और जलापूर्ति जैसी जनसुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
