समाजवादी पार्टी की सांसद और पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को हिरासत में ले लिया गया है। उनके साथ ही पार्टी नेता धर्मेंद्र यादव को भी हिरासत में लिया गया है।
इससे पहले समाजवादी पार्टी के सांसदों ने संसद से जंतर-मंतर तक मार्च निकाला। सांसद और पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव पार्टी सांसदों का नेतृत्व करते हुए जंतर-मंतर पहुंचीं।
संसद से जंतर-मतर की ओर मार्च के दौरान उन्होंने कहा, आज देश में हालात ऐसे हो गए हैं कि युवा अपनी चिंताओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है, उनसे बातचीत को तैयार नहीं है।
उन्होंने कहा, छात्र लगातार अपनी मांगें उठा रहे हैं। सोनम वांग्चुक ने भी सरकार से बातचीत के लिए आग्रह किया है। लेकिर सरकार इतनी कठोर है कि वह किसी और की बात सुनना ही नहीं चाहती है। डिंपल यादव ने कहा, हमने पहले भी कहा था, हम छात्रों के साथ हैं।
डिंपल यादव ने कहा, पूरा का पूरा सिस्टम ही भ्रष्ट है और देश के युवा और छात्र ही इसका खामियाजा भुगत रहे हैं। जबकि वह भारी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं।
डिंपल यादव को हिरासत में लिए जाने पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, 'हमारे सांसदों को पुलिस स्टेशन में रखा गया है, जबकि बाहर बच्चों को पीटा जा रहा है। यह कैसी सरकार है? आप बच्चों की बात नहीं सुनना चाहते। अगर NEET परीक्षा हुई और उसमें गड़बड़ी हुई, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है? किसकी साख दांव पर लगी है? तैयारी किसे करनी थी? आप 'विश्वगुरु' बनना चाहते हैं; आप दावा करते हैं कि दुनिया 'अमृत काल' में है, फिर भी आप अपने मंत्रियों को नहीं हटा सकते... आपने नौकरियां या रोजगार नहीं दिया। अगर नौकरियां दी गई होतीं, तो क्या बच्चे सड़कों पर उतरते?'
अखिलेश ने आगे कहा, 'अभी मुख्य सवाल यह है कि NEET छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और यहां विरोध कर रहे छात्रों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाना चाहिए... जब लोग विरोध प्रदर्शन करते थे, तो अंग्रेज उनकी बात सुनते थे। इसीलिए आज पूरी दुनिया में गांधी का सम्मान किया जाता है। उन्होंने विरोध का रास्ता दिखाया। जिस तरह से वे प्रदर्शनकारियों को हटा रहे हैं - उम्मीद है कि सरकार को अंत में 'सम्मानजनक विदाई' न मिल जाए।'
