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CJP के संसद मार्च में पहुंचे मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और आतिशी सहित वरिष्ठ AAP नेता

दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के संसद मार्च में आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए। हालांकि, संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोक दिया।

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सीजेपी के संसद मार्च में पहुंचे AAP के वरिष्ठ नेता

CJP Protest संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आज यानी सोमवार 20 जुलाई को राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने संसद मार्च किया। इस दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने इस मार्च में भाग लिया। इन नेताओं के अलावा आम आदमी पार्टी के कई कार्यकर्ताओं ने भी इस मार्च में हिस्सी लिया।

आम आदमी पार्टी पहले से ही शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में कार्रवाई की मांग का समर्थन कर रही है। इस दौरान संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक दिया।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को संबोधित करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि देशभर से जुटे युवा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सभी राजनीतिक विचारधाराओं के लोगों से युवाओं के समर्थन में आगे आने की अपील की।

उधर, संसद मार्च को देखते हुए नई दिल्ली जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। संसद परिसर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। प्रदर्शन के दौरान संसद की ओर बढ़ रही भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज भी किया और कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई। इसके चलते राजधानी के कई मार्गों पर ट्रैफिक जाम रहा।

दिल्ली पुलिस ने साफ किया कि CJP की ओर से संसद मार्च के लिए न तो कोई अनुमति मांगी गई थी और न ही कोई मंजूरी दी गई थी। पुलिस ने कहा कि नई दिल्ली जिले में लागू निषेधाज्ञा यानी BNSS की धारा 163(पूर्व में IPL की धारा 144) का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का कहना है कि अगर सरकार शिक्षा व्यवस्था की हालिया विफलताओं, खासतौर पर पेपर लीक मामलों की जिम्मेदारी स्वीकार करे या सांसद संसद के मानसून सत्र में इस मुद्दे को उठाने का आश्वासन दें, तो वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी संदेश में अनशन समाप्त करने के लिए तीन शर्तें रखीं।

वांगचुक ने यह भी दावा किया कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल में उनकी आवाजाही और संवाद की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध के बीच रखा गया है। हालांकि, उनके इस दावे पर संबंधित अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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