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छिंदवाड़ा : जहरीले कफ सिरप मामले में दो और डॉक्टर गिरफ्तार, 24 बच्चों की मौत के बाद SIT कर रही है जांच

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में पिछले साल चर्चित कोलड्रिफ कफ सिरप से जुड़े मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शनिवार दोपहर बड़ी कार्रवाई करते हुए परासिया के दो डॉक्टरों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए डॉक्टरों के नाम डॉ. अमन सिद्दीकी और डॉ. एस.एस. ठाकुर हैं।

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कोल्डरिफ.

चर्चित कोलड्रिफ कफ सिरप से जुड़े मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शनिवार दोपहर बड़ी कार्रवाई करते हुए परासिया के दो डॉक्टरों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए डॉक्टरों के नाम डॉ. अमन सिद्दीकी और डॉ. एस.एस. ठाकुर हैं। जानकारी के मुताबिक जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर दोनों डॉक्टरों की गिरफ्तारी की गई है। बता दें कि कफ सीरप पीने से 24 बच्चों की मौत के मामले में जांच एसआईटी द्वारा की जा रही है। इस प्रकरण में परासिया के डॉ. प्रवीण सोनी सहित कुल 9 आरोपी पिछले लगभग छह महीने से जेल में बंद हैं। अब दो और डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद कार्रवाई और तेज होने की संभावना है।

सितंबर-अक्टूबर 2025 में छिंदवाड़ा जिले के परासिया और आसपास के क्षेत्रों में बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ने और किडनी फेल होने की खबरें आने लगीं। जांच में पता चला कि इन बच्चों को 'कोलड्रिफ' नामक कफ सीरप दिया गया था। जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि सीरप के एक विशेष बैच में 48.6% डायथिलिन ग्लाइकॉल पाया गया था, जिसकी अनुमति दवा में मात्र 0.1% तक ही होती है।

मुख्य आरोपी: डॉ. प्रवीण सोनी, जो सरकारी अस्पताल में पदस्थ थे, उन्हें सबसे पहले गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने भारी कमीशन के लालच में इस सीरप को धड़ल्ले से प्रिस्क्राइब किया। सप्लाई चेन: डॉ. सोनी की पत्नी ज्योति सोनी, जो अपना मेडिकल स्टोर की प्रोपराइटर थीं, उन्हें भी साक्ष्य मिटाने और अवैध बिक्री के आरोप में जेल भेजा जा चुका है।

मैन्युफैक्चरिंग: तमिलनाडु स्थित श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के मालिक जी. रंगनाथन को चेन्नई से गिरफ्तार किया गया। शनिवार को डॉ. अमन सिद्दीकी और डॉ. एस.एस. ठाकुर की गिरफ्तारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी थीं।

अपने बच्चों को खोने का गम झेल रहे परिवारों के लिए ये गिरफ्तारियां न्याय की एक उम्मीद हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सजा केवल जेल तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे एक मिसाल बनाना चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी डॉक्टर या फार्मा कंपनी ऐसी लापरवाही न करे। प्रशासन ने पहले ही दो ड्रग इंस्पेक्टर्स और एक डिप्टी ड्रग कंट्रोलर को निलंबित कर दिया है। डॉ. सिद्दीकी और डॉ. ठाकुर की गिरफ्तारी के बाद उम्मीद है कि एसआईटी इस मामले में जल्द ही अंतिम चार्जशीट पेश करेगी।

Makarand Kale
मकरंद कालेauthor

सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।\nततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि\n\nसाल 2008 में by chance journalist बना। 2013 से by choice journalist हूं। कहते हैं ना कि अच्छे काम में पहले बहुत परेशानियां आती हैं। और बाद में उसी की आदत पड़ जाती है।

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