Chhatarpur News: देर रात मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना (Ken-Betwa Link Project) से विस्थापित हो रहे ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। कल देर रात अपनी मांगों को लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी कर दी, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग और वॉटर कैनन का सहारा लेना पड़ा।
देर रात एसडीएम दफ्तर पर हंगामा और पथराव
केन-बेतवा लिंक परियोजना के कारण विस्थापित हो रहे ढोड़न गांव के ग्रामीण कल रात अपनी मांगों को लेकर छतरपुर के एसडीएम कार्यालय पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब बिगड़ गई जब कुछ ग्रामीण उग्र हो गए और उन्होंने कार्यालय परिसर में पथराव शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि विस्थापन के बदले उन्हें दी जाने वाली सुविधाओं और मुआवजे को लेकर उनकी मांगों को लंबे समय से अनसुना किया जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई
पथराव और बढ़ते हंगामे को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मोर्चा संभाला। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पहले पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों के अक्रामक होने पर पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और हल्का बल प्रयोग कर उन्हें पीछे धकेला। भारी तनाव के बीच काफी मशक्कत के बाद पुलिस स्थिति पर काबू पाने में सफल रही।
प्रशासन का पक्ष
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) आदित्य पाटले ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि ढोड़न गांव के लोगों की कुछ पुरानी मांगें थीं, जिन्हें वे सरकार के सामने पहले भी रख चुके थे। उन्होंने कहा, "ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर थोड़े उग्र हो गए थे, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्हें भरोसा दिलाया गया है कि उनकी जो भी मांगें कानूनी ढांचे के दायरे में आती हैं, सरकार उन्हें पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस ने पहले उनसे उचित संवाद किया और फिर उन्हें शांतिपूर्वक वहां से हटाया।"
फिलहाल शांति और पुलिस गश्त जारी
एएसपी के अनुसार, सभी ग्रामीण आश्वासन मिलने के बाद शांतिपूर्वक वापस लौट गए हैं। हालांकि, एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और स्थिति की निगरानी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि विस्थापितों के साथ पहले भी विस्तृत चर्चा हुई है और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।
