चंडीगढ़ नगर निगम में वोट कांड का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि एक और मामला सामने आ गया है। इसमें भी वो अनील मसीह दिख रहे हैं, जिन्होंने वोटों की गड़बड़ी थी। मंगलवार को चंडीगढ़ नगर निगम की मीटिंग थी, जहां पहले अमित शाह के अंबेडकर वाले बयान पर बीजेपी और कांग्रेस के पार्षद भिड़े फिर अनिल मसीह भी लपेटे में आ गए। अनिल मसीह पर ही वोटों में गड़बड़ी करने का आरोप लगा था और सुप्रीम कोर्ट ने तब एक्शन लिया था।
चंडीगढ़ नगर निगम में आज क्या हुआ
मिली जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ नगर निगम की आम बैठक के दौरान आज डॉ. बीआर अंबेडकर के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के बीच हाथापाई हो गई। मनोनीत पार्षद अनिल मसीह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल गांधी जमानत पर हैं। इस बीच कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और भाजपा के सदस्यों के बीच तीखी बहस हो गई। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर उनके इस्तीफे की मांग की, जबकि भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस पर नेहरू के समय में डॉ. भीमराव अंबेडकर को नीचा दिखाने का आरोप लगाया।
अनिल मसीह को लेकर कांग्रेस-आप आक्रमक
बहस जैसे ही बढ़ी और अनिल मसीह इस बहस में कूदे, कांग्रेस और आप की ओर से उन्हें वोट चोर कहा जाने लगा। जिसके बाद अनिल मसीह भड़क गए। अनिल मसीह पार्षदों के वेल में चले गए। इसी बीच कांग्रेस और आप के नेता भी वेल में आ गए मसीह का पोस्टर लहराना शुरू कर दिया। यहीं से मामला बिगड़ा और धक्का मुक्की शुरू हो गई। मारपीट के भी दावे किए गए हैं।
