चण्डीगढ़

12 दिन रहे डिजिटल अरेस्ट, धमकी देकर ट्रांसफर करवाए 3.5 करोड़ रुपये; ऐसे ठगे गए रिटायर्ड कर्नल

चंडीगढ़ में ठगों ने एक रिटायर्ड कर्नल को डिजिटल अरेस्ट कर 3.5 करोड़ ठग लिए गए। पीड़ित कर्नल को डराया गया कि यदि वह पैसे नहीं देंगे, तो उनकी पूरी सेवा खराब हो जाएगी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दबाव में कर्नल ने 10-12 दिन के भीतर 3.5 करोड़ रुपये की राशि गंवा दी।

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(सांकेतिक फोटो)

चंडीगढ़ : सेना के एक सेवानिवृत्त अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट करने की धमकी देकर उनसे लगभग 3.5 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। चंडीगढ़ की एसपी गीतांजलि खंडेलवाल ने बताया कि यह एक डिजिटल अरेस्ट का मामला है, जिसमें पीड़ित कर्नल को बताया गया कि उनका बैंक खाता मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है। इसके बाद एक कोर्ट का दृश्य उन्हें ऑनलाइन दिखाया गया, जिसमें एक जज और पुलिस अधिकारी थे। इस दौरान उन्हें यह धमकी दी गई कि अगर वे तुरंत पेमेंट नहीं करते हैं, तो उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया जाएगा।

रिटायर्ड कर्नल को डराया

पीड़ित कर्नल को डराया गया कि यदि वह पैसे नहीं देंगे, तो उनकी पूरी सेवा खराब हो जाएगी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दबाव में कर्नल ने 10-12 दिन के भीतर 3.5 करोड़ रुपये की राशि गंवा दी। हालांकि, पुलिस ने कुछ रकम को फ्रीज करवा लिया है और ठगी की रकम को वसूलने का प्रयास कर रही है। पुलिस ने यह भी बताया कि पहले ही निकाले गए पैसे को लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

इस मामले में आरोपियों को पहले से ही कर्नल के बारे में जानकारी थी और उन्होंने इसी जानकारी के आधार पर उन्हें टारगेट किया। पीड़ित को डराने के लिए विभिन्न तरीके अपनाए गए थे। इस घटना के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने वरिष्ठ नागरिकों को जागरूक करने के लिए एक विशेष मुहिम शुरू की है। इस मुहिम के तहत पुलिस उनके घर जाकर उन्हें साइबर अपराध के बारे में जानकारी देगी और उन्हें बताएगी कि कैसे वे ऐसे धोखाधड़ी के मामलों से बच सकते हैं। पुलिस ने कहा कि यह अभियान खासतौर पर अकेले रहने वाले सीनियर सिटीजन को ध्यान में रखते हुए चलाया जा रहा है।

एसपी गीतांजलि खंडेलवाल ने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता यह है कि जितना अधिक हो सके ठगी गई रकम को वसूल किया जाए और अपराधियों को गिरफ्तार किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि यह मामला इस बात का प्रतीक है कि साइबर अपराधियों के तरीके लगातार बदल रहे हैं, और इसे लेकर जागरूकता फैलाना बहुत जरूरी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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