Ludhiana Gas Leak: पंजाब में लुधियाना के लोगों के लिए रविवार का दिन दहशत में गुजरा। इन्होंने ऐसे किसी हादसे की सपने में भी कल्पना नहीं की थी। यहां गैस लीक होने से कई लोगों की जान चली गई। रविवार को शहर के घनी आबादी वाले गियासपुरा इलाके में सीवर से जहरीली गैस निकलने के बाद तीन बच्चों सहित 11 लोगों की मौत हो गई। लुधियाना में गैस रिसाव रविवार सुबह तड़के हुआ जब लोगों ने बहुत तीखी गंध महसूस की और इसके असर से बेहोश होने लगे। बाद में पता चला कि हवा में एक जहरीली गैस लीक हुई है जिसमें हाइड्रोजन सल्फाइड का स्तर बहुत अधिक था।
11 लोगों की मौत
11 मृतकों के अलावा गैस के असर से बीमार हुए चार और लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने कहा कि उन्हें संदेह है कि इलाके में सीवरेज में कुछ केमिकल डाले जाने के बाद जहरीली गैस निकली है। पीड़ितों को अस्पताल ले जाने वाले लोगों ने घटना की भयावहता को बयां करते हुए कहा कि जहरीली गैस की तेज गंध के बाद लोग सड़कों पर बेहोश हो रहे थे। कई पीड़ितों की सड़क पर ही मौत हो गई।

Ludhiana Gas Leak
हादसे में बचे शख्स ने सुनाई आपबीती
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, लुधियाना गैस रिसाव के स्थान पर सबसे पहले पहुंचने वाले लोगों में से एक लड्डू तिवारी नाम का शख्स था, जिसने अपने मकान मालिक और उसकी पत्नी को गैस के जहरीले धुएं के असर से सड़क पर पड़ा देखा। उन्होंने एक ऑटो रिक्शा चालक को उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए राजी किया और दंपति की बेटी को अंदर जाने और दरवाजे और खिड़की बंद रखने को कहा। तिवारी ने कहा कि दंपति की बेटी को अभी भी नहीं पता है कि उसके माता-पिता की मौत हो गई है।
तिवारी ने कहा, मैंने नवनीत कुमार और उनकी पत्नी नीतू को उनके घर के पास एक सड़क पर बेहोश पड़ा देखा। गैस की गंध पूरे इलाके में फैल गई थी और हमें सांस लेने के भारी दिक्कत हो रही थी। हमें उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए कोई वाहन नहीं मिला, इसलिए मैंने एक ऑटो-रिक्शा चालक को हमारी मदद करने के लिए मना लिया। इस बीच नवनीत का भाई भी बेहोश होकर गिर पड़ा और हमने उसे भी अस्पताल भेज दिया।
लोग सड़क पर बेहोश पड़े थे
उसी इलाके में रहने वाले एक अन्य चश्मदीद नंद किशोर साव ने कहा कि जैसे ही उन्हें इस घटना के बारे में पता चला, वह तुरंत वहां क्लीनिक चलाने वाले डॉक्टर कविलाश के परिवार के सदस्यों को बचाने पहुंचे। लोग सड़क पर बेहोश पड़े थे। जब मैं पीड़ितों के शवों को बाहर निकालने की कोशिश कर रहा था, तब मैं भी होश खो बैठा और सड़क पर गिर पड़ा। मुझे सिर में चोट लगी है। जब मुझे होश आया तो मैंने खुद को अस्पताल में पाया। जब मैं होश खो रहा था तो मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं मर रहा हूं। मैंने अपनी आंखों के सामने लोगों को मरते हुए देखा और मैं इस घटना को अपने पूरे जीवन में नहीं भूल सकता।
हाइड्रोजन सल्फाइड का असर
पीड़ितों में चेहरे का पीलापन जैसे लक्षण थे जो जहरीली गैस हाइड्रोजन सल्फाइड का संकेत है। लुधियाना की उपायुक्त (डीसी) सुरभि मलिक ने कहा कि सीवर को साफ करने के लिए परिशोधन प्रक्रिया चल रही है। इस बीच लुधियाना जिला प्रशासन ने मृतकों के परिवारों के लिए 2 लाख रुपये और अस्पताल में बीमार हुए लोगों को 50,000 रुपये के मुआवजे की घोषणा की है।
