Kisan Andolan: पंजाब और हरियाणा के बीच खनौरी और शंभू सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने शनिवार को कहा कि उन्हें केंद्र सरकार से एक प्रस्ताव मिला है जिस पर वे चर्चा करेंगे। किसान नेता काका सिंह कोटड़ा ने प्रस्ताव की विषय-वस्तु का खुलासा किए बिना कहा कि हमें कुछ प्रस्ताव मिले हैं। दोनों मंचों के नेता बैठे हैं और हम इस पर चर्चा करेंगे और फिर वापस आएंगे। शनिवार की देर रात केंद्र सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि केंद्र ने 14 फरवरी को चंडीगढ़ में पंजाब के प्रदर्शनकारी किसानों के साथ बैठक का प्रस्ताव दिया है।
54 दिनों से आमरण अनशन जारी
कोटड़ा का यह बयान किसानों की मांगों को लेकर केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ दो घंटे तक चली बैठक के बाद आया। इससे पहले केंद्र सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने गत 54 दिनों से आमरण अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के स्वास्थ्य की जानकारी ली। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले किसान पिछले साल 13 फरवरी से शंभू और खनौरी सीमा पर डेरा डाले हुए हैं। किसानों ने अपनी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सहित विभिन्न मांगों को लेकर दिल्ली तक मार्च करने की सुरक्षा बलों द्वारा अनुमति देने से इनकार करने के बाद सीमा पर ही डेरा डाल दिया।
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के संयोजक किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल पिछले साल 26 नवंबर से खनौरी सीमा पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। किसानों ने पहले बताया था कि डल्लेवाल की हालत ‘गंभीर’ है। उन्होंने बताया कि डल्लेवाल का वजन करीब 20 किलोग्राम तक कम हो गया है और उन्होंने अनशन के दौरान किसी तरह की चिकित्सा सहायता लेने से इनकार कर दिया था।
121 किसानों ने छोड़ा खाना
जाब और हरियाणा के खनौरी बॉर्डर पर शनिवार को 10 और किसानों ने आमरण अनशन शरू किया जिसके बाद अनशनकारी किसानों की संख्या बढ़कर 121 हो गयी। किसान नेता काका सिंह कोटड़ा ने कहा, ''खनौरी सीमा बिंदु पर तीन दिन पहले 111 किसानों ने जगजीत सिंह डल्लेवाल को समर्थन देते हुए अनशन की घोषणा की थी और आज से 10 और किसानों ने आमरण अनशुन शुरू किया है।आज अनशन शुरू करने वाले किसानों ने कहा कि वे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल से प्रेरणा लेकर आमरण अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि वे किसानों के लिए बलिदान दे रहे डल्लेवाल के दिखाए इस संघर्ष के रास्ते पर चलने को तैयार हैं।
वहीं, आमरण अनशन के 54वें दिन किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के सेहत में और गिरावट आई। किसान नेता कोटड़ा ने बताया कि डल्लेवाल की तबीयत और खराब हो गयी है। उन्होंने कहा कि डल्लेवाल देर रात से उल्टियां कर रहे हैं। कोटड़ा ने कहा कि चिकित्सक डल्लेवाल के स्वास्थ्य की जांच कर रहे हैं। कोटड़ा ने बताया कि डल्लेवाल के समर्थन में तीन दिन पहले अनशन शुरू करने वाले 111 किसानों में शामिल बादल पुत्र गुरप्रीत की भी तबियत बिगड़ गई और उसे खून की उल्टियां लगी। किसान ने नेता ने कहा कि 45 वर्षीय बादल को चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार प्रदान किया है।
