चण्डीगढ़

IAS Grandparents Suicide: बेटे के पास 30 करोड़ की संपत्ति लेकिन नहीं देता रोटी- IAS के दादा-दादी ने तंग आकर खा लिया जहर

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Mar 31, 2023, 07:01 PM IST

IAS Grandparents Suicide: जहर खाने से पहले ही इस दंपत्ति ने सुसाइड नोट भी लिखा था। जिसमें उन्होंने ऐसी-ऐसी बातें लिखीं हैं कि जिसे आप पढ़कर रो देंगे। इस दंपत्ति को एक बहू ने घर से निकाल दिया तो दूसरी बासी रोटी खिलाती थी। जिसके बाद इन्होंने जहर खा लिया।

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हरियाणा IAS के दादा दादी ने की सुसाइड

IAS Grandparents Suicide: अक्सर हम सुनते हैं कि पैसेवालों की जिंदगी आलीशान होती है, उनके पास किसी चीज की कमी नहीं होती है, लेकिन कई बार सच्चाई इन दावों से कहीं अलग होती है। एक शख्स जिसके बेटे के पास 30 करोड़ संपत्ति हो, पोता आईएएस हो, लेकिन उसे रोटी नसीब नहीं हुई। हाल ये हुआ कि पति-पत्नी ने तंग आकर जहर खा लिया। घटना हरियाणा के चरखी दादरी की है।

रोटी नहीं मिली तो खाया जहर

हरियाणा में एक बुजुर्ग दंपति ने 29 मार्च की रात सल्फास की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने परिवार के सदस्यों पर अत्याचार का आरोप लगाते हुए एक सुसाइड नोट भी पुलिस के पास छोड़ा है। दंपति ने कहा कि उनके बेटे के पास 30 करोड़ रुपये की संपत्ति है लेकिन उन्होंने उन्हें कोई खाने के लिए रोटी नहीं देता है।जगदीश चंद्र आर्य (78) और भागली देवी (77) ने चरखी दादरी के बड़हरा की शिव कॉलोनी स्थित अपने घर में ही जहर खाया और उसके पास पुलिस को भी खुद ही सूचना दी।

सुसाइड नोट में क्या लिखा

जहर खाने से पहले ही इस दंपत्ति ने सुसाइड नोट भी लिखा था। जिसमें उन्होंने ऐसी-ऐसी बातें लिखीं हैं कि जिसे आप पढ़कर रो देंगे। सुसाइड नोट में आर्य ने कहा किवो लोग अपने दूसरे बेटे महेंद्र के साथ बाधरा में रहते थे, लेकिन जब छह साल पहले उनके बेटे की मृत्यु हो गई, तो वे अपनी बहू नीलम के साथ रहने लगे। आर्य ने आरोप लगाया कि बाद में उसने उन्हें बाहर निकाल दिया, जिसके बाद उन्हें दो साल के लिए वृद्धाश्रम में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा।

IAS Grandparents Suicide haryana

IAS के दादा दादी ने की आत्महत्या

बासी रोटी मिलती थी खाने को

अनाथ आश्रम के जब ये दंपति लौटे तो घर पर ताला लगा दिया। उन्होंने लिखा- "मेरी पत्नी को लकवा मार गया और हम दूसरे बेटे वीरेंद्र के साथ रहने लगे, लेकिन वो हमें बासी खाना खिलाने लगा। बासी रोटी देती था।"

और खा लिया जहर

जिसके बाद जगदीश चंद्र आर्य और भागली देवी ने अपने ही परिवार के व्यवहार से तंग आकर अपनी जीवनलीला समाप्त करने का फैसला किया। आर्य ने अपने बेटे वीरेंद्र और दो बहुओं को अपनी मौत का कारण बताया है।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने इस मामले में आईएएस अधिकारी के माता-पिता समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले में चार आरोपी हैं - बेटा वीरेंद्र आर्य, उसकी पत्नी सुनीता, मृतक बेटे महेंद्र की पत्नी नीलम और उसका साथी वेद प्रकाश का बेटा विकास।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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