Chandigarh: चंडीगढ़ का एक युवक अपनी दुल्हन को हेलिकॉप्टर से अपने घर लाना चाहता था। इसके लिए उसने अपनी शादी में चार लाख रुपये देकर एक हेलिकॉप्टर भी बुक किया, लेकिन इसके बाद भी हेल्किॉप्टर शादी में नहीं पहुंचा। इससे निराश युवक ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का दरवाजा खटखटाया। अब आयोग ने संबंधित दो कंपनियों को सेवा में कोताही का दोषी करार देते हुए जुर्माना लगाया है। इस मामले में आयोग ने दोनों संबंधित कंपनियों को दोषी मानते हुए निर्देश दिया कि, वे शिकायतकर्ता को एक माह के अंदर चार लाख रुपये नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाएं। इसके अलावा सेवा में कोताही बरतने के लिए 25 हजार रुपये मुआवजा और आठ हजार रुपये मुकदमा खर्च भी शिकायतकर्ता को अदा करें। आदेश की प्रति मिलने के एक माह के अंदर अगर दोनों कंपनियों ने पैसे नहीं लौटाए तो उन्हें इस राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज देना होगा।
शिकायतकर्ता अमनदीप जोशी ने दोनों कंपनियों के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चंडीगढ़ में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि, उनकी 23 फरवरी 2019 को जालंधर में शादी थी। इस हेलिकॉप्टर को जालंधर से ऊना और ऊना से जेएसए हेलीपैड आना था। इसके लिए एक कंपनी ने ई-मेल भेजकर 4 लाख 20 हजार 375 रुपये जमा कराने को कहा। शिकायतकर्ता ने इसमें से चार लाख रुपये अलग-अलग तारीख पर जमा करा दिए।
कंपनी ने चार लाख रुपये भी लौटाने से किया मना
शिकायतकर्ता ने बताया कि, कंपनी के निर्देश के कहने पर उसने स्थानीय अधिकारियों से हेलिकॉप्टर के उड़ान भरने और उतरने की अनुमति भी ली थी। शिकायतकर्ता का कहना है, दूसरे पक्षों की ओर से तय समय पर सेवा प्रदान करने को कहा गया था, लेकिन हेलिकॉप्टर सेवा प्रदान नहीं की गई। शिकायतकर्ता ने जब इसका कारण पूछा तो कंपनी की तरफ से बताया गया कि, शेष राशि करीब 20 हजार रुपये का भुगतान नहीं किया गया था। इस पर शिकायतकर्ता ने कंपनी से अपनी राशि मांगी तो कंपनी ने उसे भी लौटाने से मना कर दिया। जिसके बाद शिकायतकर्ता उपभोक्ता आयोग पहुंचा। इस मामले में दूसरे पक्ष ने आयोग में अपना पक्ष नहीं रखा।
