Rohtak ASI Suicide: रोहतक में ASI संदीप की आत्महत्या मामले में आखिरकार प्रशासन और परिवार के बीच पोस्टमार्टम को लेकर सहमति बन गई है। पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार दोपहर संदीप का अंतिम संस्कार किया जाएगा। इससे पहले बुधवार को हरियाणा पुलिस ने रोहतक में ASI संदीप कुमार की आत्महत्या के संबंध में FIR दर्ज की थी। बुधवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लाढौत गांव में ASI के परिजनों से मुलाकात की और अपनी संवेदना व्यक्त की।
प्रशासन-परिवार में हुई सुलह
रोहतक में ASI संदीप की आत्महत्या मामले में आखिरकार प्रशासन और परिवार के बीच सहमति बन गई है। समझौते के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों और परिजनों के बीच देर रात तक बातचीत चलती रही, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एएसआई संदीप का अंतिम संस्कार दोपहर 12 बजे जुलाना के उनके पैतृक गांव में किया जाएगा।
पूरण कुमार पर लगाया था आरोप
बता दें कि हरियाणा पुलिस के ASI कुमार ने मंगलवार को रोहतक जिले में खुद को गोली मारकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, ASI ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के दिवंगत अधिकारी वाई पूरण कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए छह मिनट का एक वीडियो और एक सुसाइड नोट छोड़ा था।
पूरण कुमार (52) ने सात अक्टूबर को अपने चंडीगढ़ स्थित आवास में खुद को गोली मार ली थी। उनका अंतिम संस्कार बुधवार को चंडीगढ़ में किया गया। पूरण कुमार हाल में रोहतक के सुनारिया स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (PTC) में महानिरीक्षक के पद पर तैनात हुए थे।
दर्ज हुई FIR
पुलिस अधिकारी ने फोन पर बताया कि ASI के परिवार की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। रोहतक जिले में साइबर प्रकोष्ठ में तैनात ASI संदीप कुमार का शव लाढौत-धामर रोड स्थित उनके रिश्तेदार के खेत में बने कमरे से बरामद किया गया था। उनके परिजनों ने मामले में 'न्याय' की मांग की है। अधिकारी परिवार को पोस्टमार्टम की अनुमति देने के लिए मनाने में लगे हुए थे, बीती रात दोनों पक्षों में बात बन गई।
मुख्यमंत्री समेत कई नेता पहुंचे
मुख्यमंत्री सैनी, मंत्री महिपाल ढांडा और कृष्ण लाल पंवार तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता मनीष ग्रोवर के साथ बुधवार को लाढौत गांव पहुंचे और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। संदीप कुमार के एक रिश्तेदार ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि ASI की आत्महत्या की गहन जांच की जानी चाहिए क्योंकि उन्होंने एक वीडियो और एक ‘सुसाइड नोट’ में गंभीर आरोप लगाए हैं।
सैनी के अलावा, कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) प्रमुख अभय सिंह चौटाला सहित अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए लाढौत गांव का दौरा किया।
हुड्डा ने जताया दुख
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "हरियाणा पुलिस के एएसआई संदीप के निधन की खबर बेहद दुखद है। आज लाढौत पहुंचकर मैंने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी और परिवार के सदस्यों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी।" पत्रकारों से बात करते हुए हुड्डा ने कहा कि ASI संदीप कुमार और IPS अधिकारी वाई पूरण कुमार की 'आत्महत्या' की गहन जांच होनी चाहिए और उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में जांच होनी चाहिए।
हुई थी कार्रवाइयां
अभय सिंह चौटाला ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की। हरियाणा सरकार ने पूरण कुमार की कथित आत्महत्या को लेकर विपक्ष के बढ़ते हमलों के बीच मंगलवार को राज्य के डीजीपी शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेज दिया था। इससे पहले सरकार ने रोहतक के पूर्व पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र बिजारणिया का तबादला कर दिया था।
कपूर और बिजारणिया उन आठ वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल हैं, जिनका नाम पूरण कुमार सुसाइड नोट में लिथा था। इस सुसाइड नोट में उन पर 'जाति-आधारित भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न, सार्वजनिक अपमान और अत्याचार' के आरोप लगाए गए हैं।
संदीप ने कराई थी कांस्टेबल की गिरफ्तारी
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, एएसआई संदीप कुमार ने हेड कांस्टेबल सुशील कुमार की गिरफ्तारी में भूमिका निभाई थी, जो कथित तौर पर पूरण कुमार के सहयोगी हैं। रोहतक के पुलिस अधीक्षक एसएस भोरिया ने घटनास्थल पर मंगलवार को पत्रकारों को बताया था, “एएसआई संदीप हमारे विभाग में बहुत मेहनती और ईमानदार व्यक्ति थे। हमें सूचना मिली थी कि एक शव मिला है, जिसके बाद हम यहां पहुंचे।” वीडियो और ‘सुसाइड नोट’ के बारे में पूछे जाने पर बताया, “इस समय कुछ भी कहना मुश्किल है। फोरेंसिक टीम जांच कर रही है।” गौरतलब है कि संदीप कुमार ने कथित वीडियो में पूरण कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि भगत सिंह ने भी बलिदान दिया और एक कठिन रास्ता अपनाया, जिसके बाद देश जागृत हुआ।
