चण्डीगढ़

Jalandhar Accident: अकाली नेता मोहिंदर सिंह केपी के बेटे रिची की सड़क हादसे में मौत

जालंधर में देर रात भयानक सड़क हादसे में अकाली नेता ओर पूर्व सांसद मोहिंदर सिंह केपी के बेटे की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि केपी का बेटा माडल टाउन माता रानी चौक के पास कार में जा रहा था कि वही चार गाड़ियों की आपस में भीषण टक्कर हुई जिसमें के पी के बेटे रिची की मौत हो गई है।

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मृतक रिची की फाइल फोटो (तस्वीर साभार : @RavneetBittu)

Photo : Twitter

Jalandhar News: जालंधर में शनिवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे शहर को दहला दिया। अकाली दल नेता और पूर्व सांसद मोहिंदर सिंह केपी के बेटे रिची की एक भीषण सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। हादसा माडल टाउन माता रानी चौक के पास हुआ, जहां चार गाड़ियों की आपस में जबरदस्त टक्कर हो गई। इस टक्कर में रिची की कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उनके सिर पर गंभीर चोट आई, जिसके चलते उनकी मौत हो गई।

हादसे के बाद अफरातफरी

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी जोरदार थी कि करीब 50 फीट तक कारों के क्षतिग्रस्त पुर्जे सड़क पर बिखर गए। टक्कर में रिची की कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उनके सिर पर गंभीर चोट आई, जिसके चलते उनकी मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद आसपास अफरातफरी का माहौल बन गया।

केपी परिवार में शोक की लहर

हादसे की खबर लगते ही मोहिंदर सिंह केपी के घर पर लोगों का जमावड़ा लग गया। देर रात से ही बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं, ताकि हादसे की असल वजह का पता लगाया जा सके।

कौन हैं मोहिंदर सिंह केपी

मोहिंदर सिंह केपी पंजाब के प्रमुख दलित नेताओं में से एक रहे हैं, जिनका राजनीतिक करियर लंबे समय से सुर्खियों में रहा है। 1956 में जन्मे केपी पंजाब के दोआबा क्षेत्र से आते हैं। उनके पिता दर्शन सिंह केपी जालंधर से पांच बार विधायक रहे थे, जिनकी 1992 में आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी। मोहिंदर सिंह केपी ने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से बीए और एलएलबी की पढ़ाई की और राजनीति में सक्रिय हुए। वे जालंधर से तीन बार विधायक चुने गए। कांग्रेस सरकार में उन्हें 1992 और 1995 के बीच कई कैबिनेट विभागों की जिम्मेदारी मिली। साल 2009 में उन्होंने कांग्रेस से लोकसभा चुनाव जीतकर जालंधर से सांसद बने, लेकिन 2014 में होशियारपुर से और 2017 में आदमपुर विधानसभा सीट से चुनाव हार गए। अप्रैल 2024 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर शिरोमणि अकाली दल का दामन थाम लिया और जालंधर लोकसभा सीट से उम्मीदवार बने, हालांकि वहां भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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