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24 साल पुराने बैंक फ्रॉड केस में बड़ी कार्रवाई, CBI ने फरार आरोपी हरपाल सिंह आहूजा को दबोचा

CBI ने 24 साल पुराने बैंक फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे आरोपी हरपाल सिंह आहूजा को गिरफ्तार कर लिया है। हरपाल सिंह आहूजा इस मामले में घोषित भगोड़ा (Proclaimed Offender) था और पिछले करीब 11 साल से कानून से बचता फिर रहा था।

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आरोपी गिरफ्तारी (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Photo : iStock

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने करीब 24 साल पुराने बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी हरपाल सिंह आहूजा को गिरफ्तार कर लिया है। एजेंसी के मुताबिक, आहूजा इस मामले में मुख्य आरोपी था और अदालत द्वारा उसे पहले ही घोषित भगोड़ा (Proclaimed Offender) घोषित किया जा चुका था। पिछले कई वर्षों से वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।

CBI के अनुसार यह मामला 27 अप्रैल 2001 को दर्ज किया गया था, जिसमें बैंक से धोखाधड़ी कर बड़ी रकम हड़पने का आरोप सामने आया था। जांच के बाद एजेंसी ने 19 मार्च 2003 को हरपाल सिंह आहूजा और अन्य आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। जांच में आहूजा को इस पूरे घोटाले का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया जा रहा था, लेकिन इसी दौरान साल 2014 में हरपाल सिंह आहूजा फरार हो गया और लंबे समय तक जांच एजेंसियों की पकड़ से बाहर रहा।

आरोपी के लगातार फरार रहने के बाद 2 अगस्त 2014 को गाजियाबाद स्थित CBI की विशेष अदालत ने उसे घोषित भगोड़ा करार दे दिया था। इसके बाद अदालत ने 1 अगस्त 2017 को उसके खिलाफ ओपन डेटेड अरेस्ट वारंट भी जारी किया था, ताकि पुलिस और जांच एजेंसियां उसे कभी भी गिरफ्तार कर सकें। इस बीच मामले से जुड़े अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही पूरी कर ली गई, लेकिन आहूजा की अनुपस्थिति के कारण उसके खिलाफ सुनवाई लंबित पड़ी रही।

CBI अधिकारियों के मुताबिक पिछले करीब 11 वर्षों से आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। वह कभी मुंबई तो कभी फरीदाबाद में छिपकर रह रहा था, जिससे एजेंसियों के लिए उसका पता लगाना मुश्किल हो रहा था। हालांकि CBI की टीम लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी और तकनीकी निगरानी तथा खुफिया जानकारी के आधार पर उसकी तलाश जारी रखे हुए थी।

आखिरकार लंबी तलाश और गुप्त सूचना के आधार पर CBI ने 12 मार्च 2026 को मुंबई के कल्याण इलाके से हरपाल सिंह आहूजा को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए गाजियाबाद लाया गया, जहां CBI की विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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