Brij Bhushan Sharan Singh: भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह काफी दिनों बाद दिल्ली से अपने गृह जनपद गोंडा पहुंचे। घर वापसी के साथ ही उन्होंने राम मंदिर दानपात्र विवाद (Ram Mandir Donation Row), नीट (Neet Paper Leak) पेपर लीक, राहुल गांधी और बंगाल हिंसा जैसे कई बड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उनके इस बयान के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
राम मंदिर के दानपात्र में कथित गड़बड़ी और घपले के सवाल पर बृजभूषण शरण सिंह ने एक चौंकाने वाला बयान दिया। उन्होंने कहा, "मैं बहुत कमजोर आदमी हूं। इस मुद्दे पर अगर मैं सच बोल दूंगा तो बहुत बड़ी परेशानी में आ जाऊंगा, क्योंकि वे लोग बहुत बड़े हैं। अभी मेरे अंदर सत्य बोलने की हिम्मत नहीं है, लेकिन जब सही समय आएगा तो इस पर जरूर बोलूंगा।"
नीट पेपर लीक पर धर्मेंद्र प्रधान का किया बचाव
NEET पेपर लीक मामले पर पूर्व सांसद ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बचाव किया। उन्होंने कहा कि इसमें किसी मंत्री की कोई गलती नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया, "क्या धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने से इस बात की गारंटी मिल जाएगी कि भविष्य में पेपर लीक नहीं होगा और सब कुछ ठीक हो जाएगा?"
पेपर लीक के पीछे एक पूरा सिस्टम-बृजभूषण
बृजभूषण ने कहा कि पेपर लीक के पीछे एक पूरा सिस्टम काम करता है, जिसमें अधिकारी और कर्मचारी शामिल होते हैं। मंत्री हर जगह जाकर रखवाली नहीं कर सकता। हालांकि, कुछ बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है और जब तक इन अधिकारियों को कड़ा सबक नहीं सिखाया जाएगा, तब तक यह सिस्टम ठीक नहीं होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि जो सरकार जम्मू-कश्मीर और बंगाल की समस्याओं को ठीक कर सकती है, वही वर्तमान सरकार इस पेपर लीक के सिस्टम को भी पूरी तरह से तोड़ देगी।
राहुल गांधी के साथ ममता बनर्जी पर साथा निशाना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए बृजभूषण ने कहा कि देश का यह दुर्भाग्य है कि राहुल गांधी लगातार गलत बयानबाजी करते रहते हैं। उनकी बातों को कोई गंभीरता से नहीं लेता। जब तक वे कांग्रेस का नेतृत्व कर रहे हैं, तब तक बीजेपी के सामने कोई चुनौती या दिक्कत नहीं है।
वहीं पश्चिम बंगाल के हालात पर उन्होंने कहा कि वहां पिछले 60-70 वर्षों से ऐसा माहौल है जहां एक खास वर्ग को हमेशा दबाया गया। चाहे कांग्रेस का समय हो, ज्योति बसु का दौर हो या ममता बनर्जी की सरकार रही हो, वहां की जनता और खुद नेता इस माहौल से त्रस्त हैं। उन्होंने बीजेपी नेता अमित शाह की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने बंगाल जैसे राज्य में 'पत्थर पर दूब (घास) उगाने' जैसा कठिन काम किया है। अंत में, महिला पहलवानों के मुद्दे पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि वे दिल्ली में उसी 'रायते' को समेटने में लगे हुए थे, जो पहलवानों ने वहां फैलाया था।
