दिल्ली : भारत 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। इस आयोजित होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में इस बार बिहार के पारंपरिक स्वाद और स्थानीय उत्पादों की भी खास झलक देखने को मिलेगी। भारत इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। BRICS Summit में शामिल होने वाले विदेशी मेहमानों के लिए तैयार की गई वेलकम किट में बिहार के प्रसिद्ध सत्तू और मखाना को भी शामिल किया गया है। इसके जरिए बिहार के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने की कोशिश की गई है।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे राज्य के लिए गौरव का विषय बताया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में होने वाले BRICS Summit में विदेशी मेहमानों की वेलकम किट में सत्तू और मखाना शामिल होना बिहार के स्वाद, परंपरा और उद्यमिता की पहचान है। उन्होंने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि इससे ‘Local to Global’ के संकल्प को साकार करने में मदद मिलेगी।
सत्तू बिहार के पारंपरिक खान-पान
सत्तू बिहार के पारंपरिक खान-पान का अहम हिस्सा है। वहीं, मखाना राज्य के प्रमुख स्थानीय उत्पादों में शामिल है और इसकी देश-विदेश में लगातार मांग बढ़ रही है। BRICS जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर इन उत्पादों की मौजूदगी बिहार के स्थानीय कारोबारियों, किसानों और उत्पादकों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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इस पहल के जरिए बिहार के पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने और स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का संदेश भी दिया जा रहा है। विदेशी मेहमानों को सत्तू और मखाना के जरिए बिहार की खान-पान की परंपरा और स्थानीय उद्यमिता से रूबरू होने का मौका मिलेगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यह नए बिहार की नई पहचान है, जहां राज्य का स्थानीय स्वाद अब दुनिया के सामने पहुंच रहा है। BRICS Summit में बिहार के सत्तू और मखाने को जगह मिलना ‘ब्रांड बिहार’ को ग्लोबल मंच पर पेश करने की दिशा में एक अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
