Agle 10 Din Ka Mausam Kaisa Rahega (अगले 10 दिन का मौसम): देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है, जिसके चलते अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने वाला है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर मध्य प्रदेश, बिहार, बंगाल, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। बात अगर वेदर सिस्टम की करें तो समुद्र तल पर मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर में और पूर्वी सिरा सामान्य स्थिति से दक्षिण में बना हुआ है। 11 सितंबर 2026 को सुबह 8:30 बजे IST पर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आसपास बना निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) अब उत्तर-पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण ओडिशा-उत्तर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों के ऊपर स्थित है।
इसके अगले 24 घंटों के दौरान और अधिक सक्रिय होने तथा पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा की ओर आगे बढ़ने की संभावना है। निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक ट्रफ उत्तर राजस्थान से होते हुए उत्तर-पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण ओडिशा-उत्तर आंध्र प्रदेश तटों के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) तक फैला हुआ है। इसके अलावा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक से लेकर मन्नार की खाड़ी तक बना ट्रफ निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर लगातार सक्रिय है। मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर दक्षिण कोंकण के तट से दूर पूर्व-मध्य अरब सागर के ऊपर भी एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण, जो पहले उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू क्षेत्र के ऊपर था, अब निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर उत्तर पंजाब और आसपास के इलाकों में स्थित है। ऐसे में आइए जानें अलग-अलग राज्यों में अगले 10 दिनों के दौरान मौसम कैसा रहेगा?
दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में अगले 10 दिन का मौसम
दिल्ली-एनसीआर में अगले 10 दिनों के दौरान मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 11 से 17 सितंबर के बीच दिल्ली और आसपास के इलाकों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। 11 सितंबर को दिल्ली में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। इसके बाद 12 से 17 सितंबर के बीच भी रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी। 13 और 14 सितंबर को दिल्ली के साथ हरियाणा-चंडीगढ़ क्षेत्र में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। बारिश के साथ गरज-चमक की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य हिस्सों की बात करें तो उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में भी इस अवधि के दौरान बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। उत्तराखंड में 11 से 13 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि पंजाब में 13 से 15 सितंबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, 13 से 14 सितंबर के बीच दिल्ली और हरियाणा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
एमपी-छत्तीसगढ़ में रहेगा बारिश का दौर
मध्य भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 11 से 14 सितंबर के बीच कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। वहीं छत्तीसगढ़ में 11 से 15 सितंबर तक व्यापक बारिश के आसार हैं। इसके बाद 15 से 17 सितंबर के बीच मध्य प्रदेश और विदर्भ में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है, जबकि छत्तीसगढ़ में 16 और 17 सितंबर को बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। 11 से 12 सितंबर के दौरान विदर्भ में तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है, जहां हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जाने का अनुमान है। 11 और 12 सितंबर को पूर्वी एवं पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा विदर्भ में भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 13-14 सितंबर और छत्तीसगढ़ में 11 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का भी खतरा है।
बंगाल, ओडिशा और बिहार में बारिश के आसार
पूर्वी भारत के कई राज्यों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 11 से 17 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। गंगीय पश्चिम बंगाल में 11 से 13 सितंबर, झारखंड में 11 सितंबर और ओडिशा में 11-12 सितंबर को व्यापक बारिश हो सकती है। इसके बाद गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में 17 सितंबर तक बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। बिहार में 11 से 17 सितंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना बनी रहेगी। इस दौरान कई राज्यों में गरज, बिजली चमकने और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 11 सितंबर को हवा के झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। भारी बारिश की बात करें तो उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 11 से 13 तथा 16-17 सितंबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है। बिहार में 11 सितंबर और 16-17 सितंबर को भारी बारिश का अनुमान है। ओडिशा में 12 सितंबर को भारी बारिश, जबकि 11 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में 11 सितंबर और गंगीय पश्चिम बंगाल में 12 सितंबर को बिजली गिरने की गतिविधियां भी तेज रह सकती हैं।
पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में लगातार बारिश का अलर्ट
पूर्वोत्तर राज्यों में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 11 सितंबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है, जबकि 12 से 17 सितंबर के बीच यहां कई इलाकों में बारिश होने के आसार हैं। असम और मेघालय में 11-12 सितंबर तथा 15-17 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 14 सितंबर के बीच कई जगह बारिश का अनुमान है। इन राज्यों में 11 से 15 सितंबर तक गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश में 11 से 16 सितंबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। असम और मेघालय में 12-14 तथा 16-17 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। वहीं 11 सितंबर को असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 13 सितंबर के दौरान भी भारी बारिश हो सकती है।
महाराष्ट्र और गुजरात में बारिश बढ़ेगी की रफ्तार
पश्चिम भारत में कोंकण और गोवा में 11 से 17 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में 13 से 17 सितंबर, मराठवाड़ा में 12-13 सितंबर, गुजरात क्षेत्र में 12 से 15 सितंबर और सौराष्ट्र-कच्छ में 13 से 15 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश हो सकती है। मराठवाड़ा में 11 से 13 सितंबर के बीच गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है। सौराष्ट्र और कच्छ में 12 से 15 सितंबर के बीच भी ऐसी स्थिति बन सकती है। भारी बारिश का असर भी देखने को मिल सकता है। कोंकण-गोवा और मराठवाड़ा में 12-13 सितंबर को भारी बारिश के आसार हैं। मध्य महाराष्ट्र में 12 और 14 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है, जबकि 13 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है। गुजरात क्षेत्र में 12 और 15 सितंबर को भारी बारिश तथा 13-14 सितंबर को कुछ जगह बहुत भारी बारिश हो सकती है। सौराष्ट्र-कच्छ में 13 और 15 सितंबर को भारी, जबकि 14 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है।
आंध्र प्रदेश से तमिलनाडु तक होगी बारिश
दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले सप्ताह तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में 11 से 17 सितंबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। केरल और माहे में 11 से 16 सितंबर तक बारिश के आसार हैं, जबकि तटीय कर्नाटक में 12 से 17 सितंबर के बीच बारिश होने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तथा तेलंगाना में 11-12 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। इसके बाद 13 से 17 सितंबर तक भी इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। लक्षद्वीप में 11 से 17 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है, जबकि केरल और माहे में 17 सितंबर को कई इलाकों में बारिश हो सकती है।
आंधी-तूफान और तेज हवाओं की चेतावनी
दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 11 से 13 सितंबर तक तेज हवाओं के साथ आंधी की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 13 से 15 सितंबर के दौरान गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। रायलसीमा में 11 सितंबर को और तेलंगाना में 11 से 13 सितंबर तक भी आंधी-तूफान की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11-12 सितंबर को थंडरस्क्वॉल की स्थिति बन सकती है, जिसमें हवा के झोंकों की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 13-14 सितंबर को तेज सतही हवाएं चल सकती हैं। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 15 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का भी अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मौसम के ऐसे हालात 20 सितंबर तक बने रहने के आसार हैं।
