Pakistan Khyber Pakhtunkhwa CTD Operation: पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आतंकवाद-रोधी विभाग (सीटीडी) द्वारा चलाए गए एक अभियान में प्रतिबंधित इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (आईएसकेपी) के पांच उग्रवादी मारे गए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि समूह के एक प्रमुख कमांडर, जिसकी पहचान इमरान उर्फ अब्दुल्ला उर्फ बिलाल उर्फ अबू बकर के रूप में हुई है, को बृहस्पतिवार रात पेशावर से करीब 25 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में उर्मुर गांव के शमशातू शरणार्थी शिविर में चलाए गए अभियान के दौरान मार गिराया गया।
एक अन्य उग्रवादी की पहचान शाहिदुल्लाह के रूप में हुई है, जबकि बाकी तीन की पहचान के प्रयास जारी हैं। सीटीडी के अनुसार, उसे खुफिया जानकारी मिली थी कि शमशातू शिविर के पास एक परिसर में आईएसकेपी के उग्रवादी मौजूद हैं। सीटीडी ने बताया कि उसके जवानों के परिसर में दाखिल होते ही उग्रवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद जवानों ने जवाबी कार्रवाई की।
बम विस्फोट, लक्षित हत्याओं का अपराधी था इमरान
सीटीडी ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान हुई गोलीबारी में पांच उग्रवादी मारे गए। सीटीडी के अनुसार, इमरान पेशावर और उत्तर-पश्चिमी प्रांत के विभिन्न जिलों में बम विस्फोट, लक्षित हत्याओं और आतंकवाद की अन्य घटनाओं से जुड़े 20 मामलों में वांछित और घोषित अपराधी था।
पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने बलूचिस्तान में 11 उग्रवादियों को मार गिराया
इससे पहले पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों ने दो अलग-अलग अभियानों में 11 उग्रवादियों को मार गिराया। सेना ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पाकिस्तानी सेना की मीडिया इकाई ’इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस’ (आईएसपीआर) के अनुसार, प्रांत के खारान और वाशुक जिलों में छह और सात सितंबर को खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान चलाए गए।
आईएसपीआर ने बताया कि छह सितंबर को खारान जिले में सुरक्षा बलों ने सड़क अवरोधक लगाने और यातायात बाधित करने की कोशिश कर रहे उग्रवादियों को रोक दिया। इसने बताया कि इस दौरान हुई मुठभेड़ में आठ उग्रवादी मारे गए।
सेना ने कहा कि सात सितंबर को वाशुक जिले में उग्रवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने उनके ठिकाने को निशाना बनाया। सेना ने बताया कि गोलीबारी में तीन उग्रवादी मारे गए, जबकि सुरक्षा बलों ने 2.9 टन ऐसा सामान बरामद किया जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर संवर्धित विस्फोटक उपकरण (आईईडी) बनाने में किया जा रहा था।
