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नीतीश कुमार मुख्यमंत्री रहते तो नहीं हारती बीजेपी, जनता दुखी है- बांकीपुर उपचुनाव पर अनंत सिंह का बड़ा बयान

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव (Bankipur Assembly Seat) के नतीजे पर जदयू विधायक अनंत सिंह Ananat Singh) ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अगर नीतीश कुमार सीएम होते तो ऐसा नहीं होता।

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बिहार के पूर्व सीएम नीतीश कुमार और बाहुबली विधायक अनंत सिंह (फोटो- X)

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव (Bankipur Assembly Seat) को लेकर बिहार के बाहुबली विधायक अनंत सिंह (Ananat Singh) ने बड़ा बयान दे दिया है। मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह ने कहा है कि अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री रहते तो बांकीपुर में बीजेपी को हार नहीं मिलती। जनता नीतीश कुमार के सीएम नहीं रहने से नाराज है। बांकीपुर में 1990 के बाद बीजेपी पहली बार हारी है, यहां प्रशांत किशोर ने बड़ी मार्जिन से जीत हासिल की है।

क्या-क्या बोले अनंत सिंह?

जदयू विधायक अनंत सिंह ने कहा कि नीतीश जी मुख्मंत्री रहते तो ऐसा नहीं होता, जनता को ये समझ में है कि वो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बनाई और बीच में बीजेपी ने हटाकर दूसरे को बना दिया। जनता दुखी है। जनता को ये पसंद नहीं है।

बांकीपुर में क्या हुआ?

करीब तीन दशक से भाजपा का मजबूत किला मानी जाने वाली बांकीपुर विधानसभा सीट पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की जीत को राजनीतिक विश्लेषक महज चुनावी सफलता नहीं बल्कि राज्य की बदलती राजनीतिक प्राथमिकताओं का संकेत मान रहे हैं। इस उपचुनाव में मुकाबला केवल भाजपा, जन सुराज और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवारों के बीच नहीं था बल्कि इसे भाजपा के पारंपरिक संगठनात्मक आधार, प्रशांत किशोर की नई राजनीतिक रणनीति और राजद के पारंपरिक मुस्लिम-यादव (एमवाई) समीकरण की परीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा था। मतगणना के दौरान प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा पर लगातार बढ़त बनाए रखी, जबकि राजद उम्मीदवार रेखा गुप्ता अधिकांश दौर में तीसरे स्थान पर रहीं।

बिहार में नया विकल्प?

बांकीपुर विधानसभा सीट 1995 से लगातार भाजपा के कब्जे में रही थी। पहले नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा और बाद में उनके पुत्र नितिन नवीन ने इस सीट पर पार्टी का दबदबा कायम रखा। नितिन नवीन ने 2010, 2015, 2020 और 2025 के विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज की थी। हालांकि, इस उपचुनाव में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे प्रशांत किशोर ने मुकाबले को बदल दिया। चुनावी रणनीतिकार के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे प्रशांत किशोर ने जन सुराज अभियान के माध्यम से खुद को वैकल्पिक राजनीतिक नेतृत्व के रूप में पेश किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम केवल एक सीट तक सीमित नहीं है बल्कि यह बिहार की बदलती राजनीतिक सोच का संकेत भी है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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