बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। नीतीश कुमार ने लोक भवन पहुंचकर राज्यपाल को अपना त्यागपत्र सौंपा। इससे बिहार में एक युग का अंत माना जा रहा है। लगभग दो दशकों तक सत्ता की कमान संभालने के बाद नीतीश कुमार अब राज्य की राजनीति से पीछे हटकर राष्ट्रीय जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करने की तैयारी में हैं। इधर, नए सीएम को लेकर एनडीनए ने दावा पेश किया है। सुबह से सीएम पद को लेकर चल रहीं तमात अटकलें शाम को खत्म हो गईं और सीएम की रेस में 'डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी' सबसे आगे रहे। विधायक दल की बैठक में सीएम सम्राट चौधरी के सीएम नाम पर मुहर लग गई है। सम्राट चौधरी सरकार बनाने का दावा पेश करने लोकभवन पहुंचे हैं। उनके साथ शिवराज सिंह चौहान, नितिन नवीन सहित NDA के कई लोकभवन पहुंचे हैं।
बिहार में एनडीए बहुमत मिलने के बाद सरकार बनाने का दावा पेश किया है। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व में नई सरकार का गठन होगा और 15 अप्रैल को नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शपथ ले सकते हैं। सूत्रों के हवाले से एनडीए विधायक दल की बैठक में नेता का चयन किया गया है और राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया गया है।
सीएम के साथ 2 डिप्टी सीएम लेंगे शपथ
जानकारी के मुताबिक, सम्राट चौधरी के सीएम पद की शपथ के साथ उप मुख्यमंत्री के पद के लिए विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव भी शपथ लेंगे। फिलहाल, बुधवार को मंत्रीमंडल का अन्य कोई सदस्य शपथ नहीं लेगा।
बिहार में बीजेपी का पहला सीएम
बिहार की राजनीति में यह पहली बार होगा, जब भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री (सम्राट चौधरी) सत्ता संभालेगा। नई एनडीए सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 15 अप्रैल या अगले 6 महीने के भीतर होने की संभावना है। नई सरकार के गठन को लेकर राजधानी पटना में भाजपा और जनता दल यूनाइटेड (JDU) विधायकों के बीच बैठकें हुई, जिनमें नेता का नाम तय किया गया। माना जा रहा है कि बुधवार 11 बजे नए सीएम के शपथ कार्यक्रम (पटना के गांधी मैदान) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हो सकते हैं।
आखिरी दिन नीतीश कुमार ने क्या किया
मुख्यमंत्री ने अपने सचिवालय में अंतिम कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा सहित सभी विभागों के मंत्री व वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने औपचारिक रूप से अपने इस्तीफे की जानकारी सहयोगियों को दी। इस दौरान माहौल भावुक हो गया क्योंकि मंत्रियों ने उनके नेतृत्व में बिताए लंबे राजनीतिक सफर को याद किया। एक दुर्लभ और व्यक्तिगत पहल में नीतीश कुमार ने मंत्रियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की, जिन्होंने उनके प्रति अपनी भावनाएं और आभार व्यक्त किया। उन्होंने उन्हें आश्वस्त किया कि भले ही वे दिल्ली जा रहे हैं लेकिन बिहार के विकास पर उनकी नजर लगातार बनी रहेगी। उन्होंने कहा, “यह एक बहुत भावुक क्षण है। मैं अब दिल्ली जा रहा हूं, लेकिन वहां से भी हर चीज पर नजर रखूंगा। बैठक के बाद सचिवालय में एक फोटो सेशन भी हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तस्वीर खिंचवाई, यह उनके कार्यकाल के अंतिम क्षणों का प्रतीक रहा।
नीतीश कुमार राज्यसभा के सक्रिय सदस्य के रूप में संभालेंगे कार्य
नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा दिया, जिससे उनके कार्यकाल का औपचारिक अंत हो गया है और राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद वे राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। हालांकि वे पद छोड़ रहे हैं लेकिन बिहार की राजनीति व शासन पर उनका प्रभाव महत्वपूर्ण बना रहने की उम्मीद है। यह केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं बल्कि बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है, जहां एक अध्याय समाप्त होकर दूसरे की शुरुआत हो रही है।
