बिहार में आज का मौसम (14 Mar 2026): बिहार में इस समय मौसम के दो अलग-अलग छोर देखने को मिल रहे हैं। शुक्रवार को कैमूर 36.5 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां दोपहर की धूप लोगों को पसीने छुड़ा रही है। इसके ठीक उलट, औरंगाबाद में न्यूनतम तापमान 15.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे रात और सुबह के समय अभी भी हल्की ठंडक महसूस की जा रही है। पटना में भी सीजन की सबसे गर्म रात (22.5 डिग्री) दर्ज की गई, जो इस बात का संकेत है कि गर्मी अब अपने पैर पसार रही है।
15 मार्च से शुरू होगी बादलों की पारी
पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 14 मार्च को मौसम भले ही शुष्क और शांत रहे, लेकिन 15 मार्च से राज्य के 24 जिलों में संकट के बादल मंडराने लगेंगे। मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर समेत उत्तर बिहार के अधिकांश हिस्सों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। गरज के साथ ठनका गिरने को लेकर 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। किसानों के लिए यह चिंता की बात है क्योंकि खेतों में तैयार फसलों पर आंधी और बारिश का खतरा मंडरा रहा है।
16 मार्च को होगी जोरदार बारिश
आने वाली 16 मार्च को बिहार के सभी 38 जिलों के लिए सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण बताया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस दिन पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अपने चरम पर होगा। पूरे सूबे में मूसलाधार बारिश के साथ 50 किमी प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। यह 'आसमानी आफत' न केवल तापमान को 2 से 4 डिग्री तक नीचे गिरा देगी, बल्कि बिजली आपूर्ति और जनजीवन को भी अस्त-व्यस्त कर सकती है।
कब मिलेगी राहत
मौसम का यह बिगड़ा हुआ मिजाज केवल एक-दो दिन की बात नहीं है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, 19 मार्च तक बिहार के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश और आंधी का दौर जारी रहेगा। खासकर उत्तर-पूर्वी बिहार के जिलों जैसे किशनगंज और कटिहार में आंधी की रफ्तार काफी तेज रहने की उम्मीद है। खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को विशेष हिदायत दी है। गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास न खड़े होने की सलाह दी गई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें।
