Bihar News: बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर दिया है। राजद नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले विपक्ष द्वारा वोटिंग की मांग न किए जाने के बाद, स्पीकर ने ध्वनि मत से विश्वास मत प्रस्ताव को पारित घोषित कर दिया।
सदन में 'सम्राट' का शक्ति प्रदर्शन
राज्यसभा सदस्य चुने जाने और नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार की कमान संभालने वाले सम्राट चौधरी के लिए यह फ्लोर टेस्ट बेहद महत्वपूर्ण था। एनडीए गठबंधन (बीजेपी, जेडीयू, एलजेपी-आरवी, हम और आरएलएम) के पास 243 सदस्यीय विधानसभा में 202 सीटों का भारी बहुमत है। सदन की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार नीतीश कुमार के पदचिह्नों पर चलेगी और राज्य के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
"बीजेपी ने नीतीश को फिनिश कर दिया": तेजस्वी
बहस के दौरान विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने आक्रामक रुख अपनाते हुए एनडीए पर तंज कसा। उन्होंने कहा, "25 से 30, फिर से नीतीश बोलकर बीजेपी ने नीतीश कुमार को फिनिश कर दिया है।" तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने जेडीयू के प्रभाव को कम करने के लिए यह बिसात बिछाई है।
सम्राट चौधरी का पलटवार
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष के हर हमले का कड़ा जवाब दिया। लालू यादव की 'पाठशाला' से राजनीति सीखने के तेजस्वी के दावों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता किसी की बपौती नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि अगर नीतीश कुमार नहीं होते, तो लालू यादव विधायक तो बन जाते, लेकिन कभी नेता नहीं बन पाते। सम्राट चौधरी ने दावा किया कि लालू यादव को पहली बार मुख्यमंत्री बनने का मौका तभी मिला जब उन्होंने आरएसएस के सामने घुटना टेका। अपनी उम्र, नाम और डिग्री पर उठ रहे सवालों को लेकर उन्होंने कहा कि यदि वह नाबालिग होते, तो पुलिस उन्हें जेल के बजाय बाल सुधार गृह भेजती।
नीतीश कुमार की तारीफ और नारी शक्ति वंदन
सदन में विजय चौधरी ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर विपक्ष के व्यवहार की निंदा का प्रस्ताव लाया, जिसे बहुमत से पास कर दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने नीतीश कुमार के पिछले दो दशकों के कामकाज की सराहना की और विश्वास मत जीतने पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बधाई दी। इसके साथ ही सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
