बिहार के वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने आज यानी मंगलवार 3 फरवरी को पटना स्थित विधानसभा सदन में बजट पेश किया। यह बिहार सरकार का अब तक का सबसे बड़ा बजट है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कुल 3 लाख, 47 हजार करोड़ से ज्यादा का बजट पेश किया गया। यह बजट पिछले साल की तुलना में 30 हजार करोड़ अधिक है। बजट में कई घोषणाएं की गई हैं, लेकिन सरकार ने राज्य की महिलाओं के लिए खजाना खोल दिया। चलिए जानते हैं।
बिहार सरकार ने आज पेश हुए बजट को लेकर कहा कि बढ़ा हुआ बजट विकास कार्यों को गति देगा। साथ ही कहा गया कि बढ़ता हुआ बजट राज्य की बढ़ती आर्थिक मजबूती का संकेत भी देता है। अब सरकार के पास ज्यादा संसाधन हैं, जिन्हें वह जनकल्याण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च कर सकती है।
महिला सशक्तिकरण पर खर्च
बिहार के बजट के केंद्र में महिलाओं को रखा गया है। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि अब तक 1.56 करोड महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिल चुका है। यही नहीं उन्होंने बताया कि महिला उद्यमिता, स्वयं सहायता समूह (SHG) छात्रवृत्ति, साइकिल-पोशाक योजना और रोजगार से जुड़ी योजनाओं पर बड़ी मात्रा में खर्च किया जाएगा।
महिलाओं के लिए अरमान योजना
सरकार की तरफ से कहा गया कि मुख्यमंत्री ईमान, ज्ञान, समान, विज्ञान और अरमान योजना के जरिए महिलाओं को शिक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाया जाएगा। यही नहीं आने वाले वर्षों में महिला विकास से जुड़े कार्यक्रमों के लिए बजट में अलग से विशेष प्रावधान किए जाने की बात भी कही गई।
शिक्षा पर होगा खर्च
बिहार के बजट में शिक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। स्कूल और कॉलेज शिक्षा के लिए 68216 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बता दें कि बिहार में किसी भी विभाग को दी गई यह सबसे बड़ी धनराशि है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि नीतीश सरकार बिहार में शिक्षा को लेकर कितनी संजीदा है।
बजट में शिक्षा के लिए जिस धनराशि का प्रावधान किया गया है, उससे स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर, टीचर्स की नियुक्ति, डिजिटल एजुकेशन और उच्च शिक्षण संस्थानों को मजबूती मिलेगी। सरकार का कहना है कि शिक्षा पर निवेश करके बिहार के युवाओं को बेहतर भविष्य दिया जाएगा और बिहार की मानव संसाधन क्षमता को मजबूत किया जाएगा।
