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कच्चे तेल की आग में झुलसा रुपया: टूटकर फिर निचले स्तर पर पहुंचा, जानिए 1 डॉलर की नई कीमत

वैश्विक उथल-पुथल का असर दुनियाभर के शेयर बाजार और करेंसी मार्केट पर दिखाई दे रहा है। भारतीय रुपया भी अछूता नहीं है। आज रुपये में भी गिरावट है।

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लुढ़का रुपया

Rupee vs Dollar: ईरान और अमेरिका में फिर तनाव बढ़ने से ब्रेंट क्रूड की कीमत 107 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है। इसका असर आज भारतीय रुपये से लेकर शेयर बाजार पर दिखाई दे रहा है। दोनों जगह बड़ी गिरावट है। रुपया सोमवार को शुरुआती कारोबार में 20 पैसे टूटकर 95.95 प्रति डॉलर पर आ पहुंच गया है। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से घरेलू मुद्रा पर और दबाव पड़ा।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.89 प्रति डॉलर पर खुला। यह बाद में लुढ़कर 95.95 प्रति डॉलर पर आ गया जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 20 पैसे की गिरावट है। रुपया शुक्रवार को 24 पैसे मजबूत होकर 95.75 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

ज्यादातर एशियाई करेंसी में गिरावट

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ज्यादातर एशियाई करेंसी में गिरावट देखी गई, जबकि इस बास्केट में सिर्फ इंडोनेशियाई रुपिया में 0.07% की बढ़त हुई। जापानी येन में सबसे ज्यादा 0.36% की गिरावट आई, इसके बाद दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.31% की कमी हुई। थाई बाहत और ताइवान डॉलर में क्रमशः 0.26% और 0.21% की गिरावट दर्ज की गई। सिंगापुर डॉलर 0.13% नीचे आया, जबकि मलेशियाई रिंगित में 0.10% की गिरावट हुई। चीनी रेनमिनबी और फिलीपीन पेसो में मामूली गिरावट रही, जो क्रमशः 0.03% और 0.02% नीचे आए।

डॉलर इंडेक्स 101 के पार निकला

इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.15 प्रतिशत चढ़कर 101.11 पर पहुंच गया। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 730 अंक टूटकर 73,170.12 अंक पर जबकि निफ्टी 231.50 अंक फिसलकर 22,908.95 अंक पर रहा। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का वायदा भाव 2.31 प्रतिशत चढ़कर 106.81 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 3,693.93 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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