इस साल उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर में महाकुंभ मेले का आयोजन हुआ, जिसमें 66 करोड़ से श्रद्धालुओं लोगों ने पवित्र स्नान किया। अब तैयारियां क्षिप्रा नदी के तट पर सिंहस्थ कुंभ को लेकर हो रही हैं, जो मध्य प्रदेश के उज्जैन में साल 2028 में लगेगा।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ 2028 के लिए आवश्यक कार्यों की प्रक्रिया को बारिश के मौसम में पूरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि टेंडर और वर्क ऑर्डर जैसे कार्यों को समय पर पूरा किया जाना चाहिए, ताकि बरसात खत्म होते ही निर्माण कार्य शुरू किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश सिंहस्थ की मंत्रिमंडलीय उपसमिति की तीसरी बैठक में दिए गए, जिसमें उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और अन्य मंत्री भी शामिल थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं का रेल द्वारा बड़ी संख्या में आवागमन होगा और महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर व मंदसौर के पशुपतिनाथ मंदिर श्रद्धालुओं के मुख्य केंद्र रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने रेलवे और सड़क मार्गों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा स्नान, पेयजल, सीवरेज, आवागमन, श्रद्धालुओं के आवास, कानून व्यवस्था और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
CM मोहन यावद ने जल संसाधन विभाग, लोक निर्माण, पर्यटन और नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। बैठक में कान्ह नदी डायवर्जन, घाट निर्माण, और क्षिप्रा नदी में जल प्रवाह के लिए आवश्यक कार्यों की स्थिति पर चर्चा की गई। इंदौर-उज्जैन मार्ग के चौड़ीकरण और यात्री सुविधाओं के विस्तार पर भी विचार किया गया।
