Madhya Pradesh News: पहले भी भगवान कृष्ण के माखनचोर नाम को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के एक बयान से राजनीतिक भूचाल आ चुका है। अब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की भगवान कृष्ण के एक और नाम पर चर्चा नए विवाद का कारण बन सकती है। गोवर्धन पूजा के कार्यक्रम के मौके पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भगवान कृष्ण के एक और नाम पर आपत्ति जताई। मोहन यादव ने कहा कि 'उन्हें गलती से गोपाल बोलते हैं, ये उनसे थोड़ी जुड़ता है, जो गाय पाले वो गोपाल होता है'। उन्होंने तो समाज में सभी के साथ गाय के महत्व की पहचान कराई कि हम सब गोपाल हैं। मुख्यमंत्री का ये बयान अब तेज़ी से वायरल भी हो रहा है।
पशुधन की रक्षा के लिए बृजवासियों को किया था प्रेरित
राज्यस्तरीय कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गोपालों की सेना बनाकर पशुधन की रक्षा के लिए बृजवासियों को प्रेरित किया था। भगवान श्रीकृष्ण ने लोक संस्कृति और सामान्य जनजीवन को बनाए रखने के लिए बाल्यावस्था में अद्भुत लीलाओं से समाज को प्रेरित किया। भगवान श्रीकृष्ण के गोपाल स्वरूप में यह संदेश निहित है कि जो गाय पाले वो गोपाल है। गाय के दूध, गोबर और गौ-मूत्र की उपयोगिता अब वैज्ञानिक रूप से सिद्ध होने लगी है। कैंसर जैसी भयंकर बीमारी में भी गौ-उत्पाद प्रभावी हैं, यह भी सिद्ध हुआ है कि गोबर से लीपे घरों पर विकिरण का प्रभाव कम होता है। खेती में गोबर की खाद के महत्व से सभी लोग परिचित ही हैं। इसी का परिणाम है कि विश्व, प्राकृतिक खेती और जैविक खेती के महत्व को पुन: स्वीकार कर रहा है।
किसानों की आय दोगुनी करने में पशुपालन की भूमिका
यादव ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने में पशुपालन की भूमिका है। पशुपालन से दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने में मदद मिलती है। वर्तमान में देश के दुग्ध उत्पादन का 9% मध्यप्रदेश में होता है, इसे 20% तक ले जाना लक्ष्य है। प्रदेश में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं शुरु की गई हैं। गौवंश के बेहतर आहार के लिए गौशालाओं को मिलने वाली राशि 20 रूपए से बढ़ाकर 40 रूपए प्रति गौवंश किया गया है। गौशालाओं से दूध के साथ गौ-मूत्र और गोबर की उपलब्धता के लिए भी व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरकार के साथ समाज को भी गोवंश संरक्षण में सहयोग देने के लिए आग्रह किया। सीएम ने कहा कि गौवंश संरक्षण सनातन संस्कृति की धारा का सशक्त करने में भी सहायक होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जो भी व्यक्ति गौपालन करना चाहता है, गौशाला चलाना चाहता है या गौशाला संचालन में सहयोग करना चाहता है, उन सभी को सहयोग देने के लिए राज्य सरकार तैयार है।
