भोपाल

गजब! मक्खियों की तरह गाड़ी पर सवार हुए लोग, भीड़ देखकर भूल जाएंगे गिनती; Video ने सबको किया हैरान

मध्य प्रदेश के रतलाम में एक फोर्स मोटर की तूफान गाड़ी में बेखौफ होकर करीब 80 लोग सवारी कर रहे थे। इसका एक वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर सभी की आंखे खुली की खुली रह जाएंगी।

Image

एक गाड़ी में 80 लोग सवार

रतलाम: एमपी के रतलाम में एक फोर व्हीलर वाहन का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वाहन की यात्री क्षमता से 5 गुना ज्यादा यात्री वाहन की छत पर, बोनट पर, सीटों पर और बाहर लटक कर बेखौफ सफर करते दिखाई दे रहे हैं। देखने में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मानों इंसान नहीं मधुमक्खियां एक वाहन में यात्रा कर रही हों।वायरल वीडियो रतलाम जिले के ग्राम हतनारा का बताया जा रहा है। यह फोर व्हीलर वाहन MP-43 यानी कि रतलाम पासिंग का है। अब देखना यह है कि रतलाम पुलिस इस तरह के वाहन चालकों को और ऐसे यात्रियों पर कब कार्रवाई कर सबक सिखाएगी।

एसपी को आदेश को ठेंगा

उधर, रतलाम एसपी अमित कुमार ने जिले में कई जगह होर्डिंग फ्लेक्स लगवाए हैं, जिनमें एक्सीडेंट के घायलों की सहायता कर इन्हें हॉस्पिटल भेजने वाले को 5000 के इनाम की घोषणा की है। फ्लेक्स में लिखा है दुर्घटना में घायलों की सहायता कर अस्पताल भेजने वाले को 5000 का इनाम दिया जाएगा। लेकिन इस तरह की डग्गामार गाड़ियों के संचालन पर कोई कार्रवाई होती नहीं दिख रही है, जो लोगों की जान जोखिम में डालकर फर्राटा भरते हुए चल रहे हैं।

रतलाम से सामने आए वीडियो में साफ दिख रहा है, जिसमें बैठने की जितनी सीट नहीं होती, उससे बढ़कर 5 गुना ज्यादा यानी करीब 80 के आसपास यात्री अपनी जान को खतरे में डालकर सफर कर रहे हैं। ऐसे वाहन चालकों पर अब कौन सी और सख्त कार्रवाई होने वाली है ये देखने की बात है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article