भोपाल

मध्य प्रदेश कैबिनेट विस्तार: एक नहीं दो बार लेनी पड़ी रामनिवास रावत को शपथ, कर दी थी 'छोटी सी मिस्टेक'

Madhya Pradesh Cabinet expansion: रामनिवास रावत को शपथ के दौरान कहना था राज्य के मंत्री के तौर पर मगर उन्होंने कहा राज्य मंत्री के तौर पर। शपथ ग्रहण पूरा हो गया, मगर यह बात जब सामने आई तो दोबारा शपथ का कार्यक्रम किया गया।

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Ramniwas Rawat

Photo : Twitter

Madhya Pradesh Cabinet expansion: मध्य प्रदेश के डॉ. मोहन यादव मंत्रिमंडल के नए सदस्य के तौर पर शपथ लेने वाले रामनिवास रावत की एक चूक के चलते उन्हें दो बार शपथ लेनी पड़ी। राजभवन में सोमवार की सुबह शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया था। इस समारोह में नए मंत्री के तौर पर रामनिवास रावत को शपथ दिलाई गई।

शपथ के दौरान रामनिवास रावत से एक चूक हो गई, उन्हें शपथ के दौरान कहना था राज्य के मंत्री के तौर पर मगर उन्होंने कहा राज्य मंत्री के तौर पर। शपथ ग्रहण पूरा हो गया, मगर यह बात जब सामने आई तो दोबारा शपथ का कार्यक्रम किया गया। सामने आया वीडियो यह बता रहा है कि राजभवन में अलग से आयोजित इस समारोह में रामनिवास रावत ने राज्य के मंत्री के तौर पर अर्थात कैबिनेट मंत्री की शपथ ली। इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा सहित कई मंत्री मौजूद रहे।

रावत ने स्वीकारी गलती की बात

रामनिवास रावत से भी जब संवाददाताओं ने सवाल किया तो उन्होंने कहा कि जो भूल हो चुकी थी, उसे सुधार लिया गया है। बता दें, राज्य विधानसभा के सदस्यों की संख्या के आधार पर मंत्रिमंडल के सदस्यों के लिए निर्धारित संख्या 34 है। मुख्यमंत्री सहित कुल 31 मंत्री थे और अब संख्या बढ़कर 32 हो गई है।

कांग्रेस छोड़ भाजपा में हुए थे शामिल

लोकसभा चुनाव और उससे पहले कांग्रेस के तीन विधायकों ने भाजपा का दामन थामा था। इनमें से एक छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे कमलेश शाह भी हैं, जहां 10 जुलाई को उपचुनाव होना है। इसके अलावा विजयपुर से विधायक रामनिवास रावत और बीना से विधायक निर्मला सप्रे ने भी भाजपा की सदस्यता ली थी। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए इन तीन सदस्यों में से एक को मोहन यादव मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया गया है। अब मंत्रिमंडल में दो पद ही रिक्त रह गए हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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