भोपाल

Ladli Behna: बहनों के बैंक खाते में आएगा राखी का तोहफा, CM मोहन भेजेंगे इतने रुपये

Ladli Behna: मध्य प्रदेश में लाडली बहना लाभार्थियों को राखी उपहार के रूप में 1000 की जगह 250 रुपये और जुड़कर 1250 रुपये बतौर उपहार आएंगे। इसके अलावा लाडली बहना और उज्ज्वला गैस योजना के लाभार्थियों को प्रति सिलेंडर 450 रुपये का अनुदान मिलेगा।

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Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Ladli Behna: मध्य प्रदेश की बहनों को राखी में एक और गिफ्ट मिलने जा रहा है। जी, हां मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार की लाडली बहना योजना के लाभार्थियों को रक्षाबंधन के मद्देनजर 10 अगस्त को 1,250 रुपये की नियमित सहायता के अलावा अतिरिक्त 250 रुपये मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने सतना जिले के चित्रकूट में एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार चल रहे 'श्रावण' महीने के दौरान यह त्योहार मनाएगी। यादव ने कहा कि हालांकि, राखी का त्योहार 19 अगस्त को है, लेकिन लाडली बहनों (लाभार्थियों) को 10 अगस्त को राखी मनाने के लिए 250 रुपये के अलावा 1250 रुपये मिलेंगे।

30 फुट लंबी 'राखी' बांधी

इस अवसर पर योजना के लाभार्थियों ने यादव को 30 फुट लंबी 'राखी' बांधी। उन्होंने कहा कि लाडली बहना और उज्ज्वला गैस योजना के लाभार्थियों को प्रति सिलेंडर 450 रुपये का अनुदान मिलेगा। यादव ने कहा कि क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने और रोजगार पैदा करने के लिए जल्द ही रीवा में निवेशकों की एक बैठक आयोजित की जाएगी।

चित्रकूट में अवैध पार्किंग के नाम पर लोगों को भुगतान करने के लिए मजबूर किए जाने की शिकायत मिलने के बाद यादव ने संबंधित जिलाधिकारी से तत्काल इस संबंध में सुधारात्मक उपाय करने को कहा। यादव ने पुरानी हिट फिल्म 'हरे रामा हरे कृष्णा' के गीत 'फूलों का तारों का, सबका कहना है..' के गायन से सभा को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने सिंगरौली जिले के चितरंगी में भी इसी तरह के कार्यक्रम को संबोधित किया।

(इनपुट-भाषा)

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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