उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा और बड़ा माने जाने वाला गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) इसी साल यानी दिसंबर 2024 में अपने निर्माण की बुनियाद को पूरी कर लेगा। निर्माण कंपनी का लक्ष्य है कि इसे साल 2025 में प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुंभ मेले से पहले आम लोगों के लिए खोल दिया जाए। 594 किमी. लंबा यह एक्सप्रेसवे पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को एक सूत्र में बांधकर सफर को सुगम बनाएगा।
यूपी के दो बड़े शहर लखनऊ और कानपुर को आपस में कनेक्ट करने के लिए कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे (Kanpur-Lucknow Expressway) बनाया जा रहा है। 63 किमी. लंबा यह एक्सेस कंट्रोल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे दोनों शहरों के बीच 3 से 4 घंटे लगने वाले यात्रा के समय को घटाकर 35 से 45 मिनट के बीच कर देगा। इसके 2025 में खुलने की उम्मीद है।
एनसीआर के नोएडा शहर को कानपुर से जोड़ने के लिए नोएडा-कानपुर एक्सप्रेसवे विकसित किया जा रहा है। 380 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रसेवे के तैयार होने से बुलंदशहर, कासगंज, एटा, मैनपुरी और कन्नौज भी आपस में कनेक्ट होंगे। इसके खुलने की तिथि 2026 बताई जा रही है। यह 7 घंटे की यात्रा को महज 4 से 5 घंटे में बदल देगा।
पूर्वी यूपी यानी गोरखपुर से लखनऊ को जोड़ने के लिए गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे अहम भूमिका निभाएगा। 91 किमी. लंबा तक फैला यह 4 लेन एक्सप्रेसवे गोरखपुर और आजमगढ़ को जोड़ेगा। इसके अलावा यह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा, जिससे लखनऊ और गोरखपुर के बीत अधिक सुविधाजनक मार्ग और कम समय में यात्रा पूरी हो सकेगी। इसके अगले तीन से चार महीने में पूरा होने की गुंजाइश है।
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे (Lucknow-Agra Expressway) को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी मिल चुकी है। इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की डीपीआर और प्रोजेक्ट विकास के लिए तीन कंपनियों ने आवेदन किया है। सबसे कम बिडर के रूप में एमएसवी पार्क को जिम्मेदारी दी गई है। इसके बनने से लखनऊ के भीतर से ट्रैफिक से नहीं गुजरना पड़ेगा। उधर, फर्रूखाबाद होते हुए लखनऊ एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए प्रस्तावित ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी मिल गई है।
हाल ही में पेश हुए केंद्रीय बजट वित्त वर्ष 2024-25 में बिहार के बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे को मंजूरी मिली है। यह नया एक्सप्रेसवे न केवल बक्सर और भागलपुर के बीच यात्रा के समय को चार घंटे तक कम करेगा, बल्कि पटना लखनऊ के बीच 5 से 6 घंटे और भागलपुर-लखनऊ के मध्य 8 से 9 घंटे तक यात्रा के समय को कम करेगा।