भोपाल

Bhopal में बकरीद पर डायवर्ट रहेंगे कई रूट, सुबह 6 से 11 बजे तक इन रास्तों का न करें इस्तेमाल

भोपाल में को ईद-उल-अजहा के अवसर पर हजारों नमाजी ईदगाह में एकत्रित होंगे। इस भीड़ को संभालने और यातायात को सुचारू रखने के लिए नगरीय यातायात पुलिस ने एक विशेष डायवर्सन योजना बनाई है।

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बकरीद 2025 (फाइल फोट)

Photo : iStock

भोपाल : देशभर में 7 जून यानी शनिवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा। सुबह मस्जिदों में नमाज अदा की जाएगी, जिसके बाद कुर्बानी की रस्म पूरी होगी। बकरीद के मद्देनजर देश के विभिन्न शहरों में पुलिस और प्रशासन सतर्क हो गए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। साथ ही, प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी और सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी को लेकर सख्ती बरती जा रही है। भोपाल में भी 7 जून को राजधानी में ईद-उल-अजहा के अवसर पर हजारों नमाजी ईदगाह पहुंचेंगे।

बकरीद पर विशेष इंतजाम

बकरीद के इस विशेष अवसर पर, नमाजियों की भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए नगरीय यातायात पुलिस ने एक विशेष डायवर्शन प्लान तैयार किया है। यह योजना शनिवार सुबह 6 बजे से लागू होगी। पुलिस ने यह सुनिश्चित किया है कि नमाजियों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े और यातायात सुचारू रूप से चलता रहे। इस आयोजन के दौरान सुरक्षा के सभी आवश्यक उपाय किए जाएंगे ताकि सभी श्रद्धालु सुरक्षित रूप से ईदगाह पहुंच सकें।

शहर में त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस और प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। साथ ही, सामुदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए लोगों से सहयोग की अपील की गई है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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