मध्य प्रदेश के इंदौर के न्याय नगर में अतिक्रमण के खिलाफ हो रही कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नगर निगम की ओर से यह कार्रवाई की जा रही है। अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के दौरान लोगों ने न सिर्फ हंगामा किया, बल्कि निगम कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की भी की।
बिल्डर की जमीन पर बने हैं मकान
जानकारी के अनुसार, न्याय नगर में लगभग 75 मकान ऐसी जमीन पर बने हुए हैं, जो एक भवन निर्माता की जमीन है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच ने अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत शुक्रवार को नगर निगम का अमला मौके पर पहुंचा और उसने कुछ मकानों पर बुलडोजर चलाया।
लोगों ने किया विरोध-प्रदर्शन
नगर निगम की कार्रवाई से लोगों में गुस्सा देखने को मिला। कार्रवाई के विरोध में स्थानीय लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया। कई लोग बुलडोजर के आगे लेट गए और कार्रवाई रोकने की अपील करने लगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें मकान खाली करने के लिए छह अगस्त तक का समय दिया है।
कोर्ट ने दिया था आदेश
एडीएम रोशन राय ने बताया कि यह जमीन श्रीराम बिल्डर के नाम पर थी। बिल्डर ने अपनी जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए कोर्ट का रुख किया था। जिसके बाद कोर्ट ने अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए हैं। आदेश के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने अपनी जमीन जायदाद बेचकर यहां पर जमीन खरीदी और मकान बनवाया। इसका रजिस्ट्री भी उनके पास है, नगर निगम के कागज भी हैं। उन्हें नहीं मालूम कि सर्वोच्च न्यायालय का यह फैसला कैसे आया है।
इनपुट-आईएएनएस
