भोपाल

Seoni: कलेक्टर संस्कृति जैन पर लगा मानसिक प्रताड़ना का आरोप, तंग आकर छुट्टी पर गई असिस्टेंट डायरेक्टर

मध्य प्रदेश के सिवनी जिले से एक अधिकारी की चिट्ठी वायरल हो गई है। चिट्ठी में अधिकारी ने जिला कलेक्टर पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है और यह भी कहा है कि इससे वह अवसाद यानी डिप्रेशन में जा रही हैं। मामले पर फिलहाल दोनों अधिकारी बोलने से बच रहे हैं।

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सिवनी कलेक्टर संस्कृति जैन (फाइल फोटो)

Photo : Times Now Digital

Accusation On Seoni Collector: सिवनी जिले की कलेक्टर संस्कृति जैन पर मानसिक प्रताड़ना करने का आरोप लगाया गया है। यह आरोप उद्यान विभाग की असिस्टेंट डायरेक्टर ने लगाया है और उनका कहना है कि मानसिक रूप से परेशान होकर वह छुट्टी पर जा रही हैं। सिवनी जिले में हर सप्ताह कलेक्ट्रेट में कलेक्टर की अध्यक्षता में समय सीमा (TL) की बैठक होती है। इसी TL बैठक में बीते 5 जून को कलेक्टर संस्कृति जैन ने सहायक संचालक उद्यान (असिस्टेंट डायरेक्टर ऑफ हॉर्टिकल्चर) सिवनी को एक आदेश जारी करने के मामले में अपमानित किया और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की धमकी भी दी, ये आरोप डॉ. आशा उपवंशी ने संस्कृति जैन को एक चिट्ठी लिखकर लगाया है।

क्या लिखा है चिट्ठी में

सिवनी की उद्यान विभाग की असिस्टेंट डायरेक्टर आशा उपवंशी ने कलेक्टर संस्कृति जैन को एक चिट्ठी लिख कर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाया है, उन्होंने पत्र में लिखा कि-

मैडम जी, आपके द्वारा मुझे पिछले 8-9 महीने में इतना ज्यादा अपमानित एवं मानसिक रूप से इतना ज्यादा प्रताड़ित कर दिया गया है कि मुझे लम्बी छुट्टी पर जाने के अलावा अन्य कोई रास्ता दिखाई नहीं देता है। पिछले 8-9 महीने से आपके द्वारा लगातार हो रहे मानसिक दुव्यवहार के कारण न केवल मेरे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा है बल्कि मेरा विभागीय कार्य और पारिवारिक जीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मैडम जी मुझे अत्याधिक तनाव के कारण रात-रात भर नींद नहीं आती है और मैं दिनों दिन गहरे अवसाद में भी जा रही हूं। आपने अपने IAS होने का गलत फायदा उठाते हुए मेरी झूठी शिकायतें वरिष्ठ IAS अधिकारियों से करके मेरी गलत इमेज बनाने का भी पूरा प्रयास किया, जनप्रतिनिधियों को भी आप लगातार मेरे खिलाफ भड़काती रहती हैं।

हाईकोर्ट में मेरे खिलाफ झूठे तथ्यों के आधार पर लगाई गई रिट पिटीशन से संबंधित उद्यानिकी विभाग के एक कर्मचारी की विभागीय जांच प्रकरण में कर्मचारी के विरुद्ध सभी आरोप सिद्ध होने पर भी, जानबूझकर मुझे परेशान करने के उद्देश्य से न्यायिक प्रक्रिया का पालन ना करते हुए शासकीय साक्ष्य के रूप में मेरा नाम रहने पर भी प्रकरण में मेरा कथन नहीं लेने दिया गया और विभागीय जांच के गुण-दोष के विपरीत गलत जांच प्रतिवेदन लिखवाया गया। मेरे द्वारा विभागीय जांच प्रतिवेदन में विसंगति होने की बात बताए जाने पर आपने फाइल लेने से और चर्चा करने से भी इंकार कर दिया गया और विभागीय जांच प्रकरण की प्रक्रिया पूर्ण किए बिना खुद ही अपने कार्यालय से शासन को हानि पहुंचाने वाला, विभागीय जांच के गुण-दोष के विपरीत आदेश बनाकर जारी किए जाने हेतु आप मुझ पर लगातार दबाव डाल रही हैं।

इसी मामले में अब असिस्टेंट डायरेक्टर 09 जून से 27 जून 2025 तक छुट्टी पर चली गई हैं। चिट्ठी वायरल होने के बाद हंगामा खड़ा हो गया है, हालांकि मामले में दोनों अफसर मीडिया के सामने बोलने से बच रहे हैं।

Makarand Kale
मकरंद कालेauthor

सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।\nततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि\n\nसाल 2008 में by chance journalist बना। 2013 से by choice journalist हूं। कहते हैं ना कि अच्छे काम में पहले बहुत परेशानियां आती हैं। और बाद में उसी की आदत पड़ जाती है।

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