भोपाल : भारत की BRICS अध्यक्षता के तहत संस्कृति मंत्रालय की ओर से 5 से 8 अगस्त 2026 तक भोपाल में BRICS संस्कृति कार्य समूह और BRICS संस्कृति मंत्रियों की बैठक के साथ कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें BRICS सदस्य और भागीदार देशों के संस्कृति मंत्री, उपमंत्री तथा वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतिनिधियों के लिए भोपाल में हेरिटेज वॉक, शिकारा राइड, बर्ड वॉचिंग और हस्तशिल्प खरीदारी की भी व्यवस्था है।
संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देना, BRICS देशों के बीच सहयोग मजबूत करना और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक, कलात्मक तथा सभ्यतागत विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करना है। बैठक के पहले दो दिन, 5 और 6 अगस्त को अधिकारी स्तर पर नीतिगत प्रारूपों और सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। 7 और 8 अगस्त को संस्कृति मंत्रियों और उपमंत्रियों के स्तर पर विचार-विमर्श कर अंतिम सहमति बनाई जाएगी।
भारत ने BRICS देशों के बीच दीर्घकालिक सहयोग के लिए दो प्रमुख प्रस्ताव रखे हैं। इनमें ‘साझा BRICS डिजिटल प्लेटफॉर्म’ विकसित करना शामिल है, जिस पर कलाकारों की निर्देशिका, रचनात्मक उद्योगों, पांडुलिपियों और स्थापत्य विरासत से जुड़ी जानकारी का एकीकृत दस्तावेजीकरण किया जाएगा। दूसरा प्रस्ताव UNESCO में संयुक्त या बहुराष्ट्रीय नामांकनों को बढ़ावा देने से जुड़ा है। इसके तहत प्रोजेक्ट मॉनसून, बौद्ध परंपरा और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से जुड़े साझा मंदिर स्थापत्य को वैश्विक पहचान दिलाने की पहल की जाएगी।
जनजातीय परिधानों पर फैशन शो होगा आयोजित
भोपाल के रवींद्र भवन में BRICS देशों के सांस्कृतिक दलों की प्रस्तुतियों के साथ तीन प्रमुख प्रदर्शनियां भी लगाई गई हैं। इनमें ‘ज्ञान भारतम्’, ‘UNESCO बहुराष्ट्रीय नामांकन’ और ‘मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत’ शामिल हैं। 5 अगस्त को प्रतिनिधिमंडल इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय पहुंचेगा, जहां पारंपरिक शिल्प और जनजातीय संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। इसके बाद कथक, सामुदायिक नृत्य और पारंपरिक व जनजातीय परिधानों पर आधारित फैशन शो आयोजित होगा।
6 अगस्त को तीसरी BRICS संस्कृति कार्य समूह की बैठक में सांस्कृतिक विरासत, संग्रहालय, रचनात्मक उद्योग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और लोगों के बीच संपर्क जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इसी शाम BRICS सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित किया जाएगा।
7 अगस्त को ‘BRICS Cultural Festival 2026’ में ‘Colours of Indian Music’ और ‘BRICS Peace Song – Peace is the Language of the Land’ प्रमुख आकर्षण होंगे। इसके अलावा 125 से अधिक कलाकारों द्वारा ‘अमृतस्य मध्य प्रदेश – एक अलौकिक सांस्कृतिक महायात्रा’ प्रस्तुत की जाएगी, जिसमें भीमबेटका, सांची, खजुराहो, चित्रकूट, उज्जैन, ग्वालियर, ओरछा और मांडू समेत मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत दिखाई जाएगी।
8 अगस्त को BRICS संस्कृति मंत्रियों की बैठक में सांस्कृतिक विरासत, संग्रहालय, रचनात्मक अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर चर्चा होगी। बैठक का समापन BRICS Culture Ministers’ Declaration के साथ होगा।
मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल UNESCO विश्व धरोहर स्थल सांची का दौरा करेगा। यहां सांची स्तूप, चेतियागिरी मंदिर, योग-ध्यान सत्र और बौद्ध इतिहास पर 3D प्रोजेक्शन मैपिंग का आयोजन होगा। 9 अगस्त को इच्छुक विदेशी प्रतिनिधियों के लिए भीमबेटका शैलाश्रय का वैकल्पिक भ्रमण रखा गया है। प्रतिनिधियों के लिए भोपाल में हेरिटेज वॉक, शिकारा राइड, बर्ड वॉचिंग और हस्तशिल्प खरीदारी की भी व्यवस्था है। साथ ही उन्हें मालवी, बुंदेली और निमाड़ी व्यंजनों जैसे दाल बाफला, निमोना और मिलेट आधारित पकवानों का स्वाद भी चखाया जाएगा।
