Indore Water Contamination: भागीरथपुरा इलाके में इन दिनों पानी को लेकर डर और असमंजस का माहौल है। नल और बोरिंग के पानी पर लोगों का भरोसा पूरी तरह टूट चुका है। हालात ऐसे हैं कि रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा रही चाय की चुस्की भी अब लोगों को खौफ में डाल रही है। जब तक पानी की हकीकत सामने नहीं आई थी, तब तक वही पानी इस्तेमाल होता रहा, लेकिन अब सच्चाई सामने आने के बाद उसी पानी से बनी चाय पीने से भी लोग हिचक रहे हैं।
चाय की दुकानों पर बदली तस्वीर
इलाके की चाय दुकानों पर भी हालात बदल गए हैं। अब ग्राहक साफ-साफ पूछ रहे हैं कि चाय किस पानी से बनी है। डर के माहौल को देखते हुए कई दुकानदारों ने RO के पानी से चाय बनाना शुरू कर दिया है। दुकानदारों का कहना है कि RO पानी से बनी चाय की मांग तेजी से बढ़ी है, जबकि नर्मदा और बोरिंग के पानी से लोग दूरी बना रहे हैं।
बीमारियों ने बढ़ाया डर
स्थानीय निवासियों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में उल्टी-दस्त और अन्य पेट से जुड़ी बीमारियों के मामले सामने आने के बाद पानी को लेकर दहशत और गहरी हो गई है। लोग अब केवल पीने ही नहीं, बल्कि खाना बनाने में भी नल और बोरिंग के पानी का इस्तेमाल करने से बच रहे हैं। कई परिवार बाहर से पानी मंगाने या RO का सहारा लेने को मजबूर हैं।
सुरक्षित पानी की मांग
भागीरथपुरा के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इलाके में पानी की गुणवत्ता की तुरंत जांच कराई जाए और सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था की जाए। लोगों का कहना है कि जब तक पानी को लेकर भरोसा बहाल नहीं होगा, तब तक यह डर का माहौल बना रहेगा। स्थानीय निवासी चाहते हैं कि प्रशासन जल्द कदम उठाए, ताकि रोजमर्रा की जिंदगी में फैला यह खौफ खत्म हो सके और लोगों को सुरक्षित पानी मिल सके।
