शहर

चाचा-चाची क्या, भाई-भाभी और भतीजी को भी नहीं छोड़ा... उम्रकैद की सजा काट रहे 'हत्यारे' को होगी फांसी

बिहार के बेगूसराय में साल 2019 के ट्रिपल मर्डर केस में बड़ा फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने हत्यारोपी को फांसी की सजा का ऐलान किया है। आरोप है कि उसने अपने चाचा-चाची क्रमश: 2012, 2027 और 2019 में अपने सगे भाई-भाभी और भतीजी की हत्या कर दी थी। लिहाजा, तमाम गवाहों और सबूतों के आधार पर बेगूसराय कोर्ट ने मौत की सजा फैसला सुनाया है।

Begusarai Triple Murder Case

बेगूसराय कोर्ट में फंसी की सजा का ऐलान

बेगूसराय : बेगूसराय एडीजे कोर्ट ने ट्रिपल मर्डर मामले में हत्यारोपी को फांसी की सजा सुनाई है। साल 2019 की दिवाली की रात सिंघौल थाना क्षेत्र के मचहा गांव में हुए सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर केस में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी विकास कुमार उर्फ विकास सिंह को फांसी की मुकर्रर की गई। कोर्ट ने कहा कि ऐसे लोगों का बाहर रहना उचित नहीं है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय ब्रजेश कुमार सिंह की अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए से बेउर जेल में बंद दोषी को मृत्युदंड का आदेश दिया।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से फांसी की सजा का ऐलान

जानकारी के मुताबिक, दोषी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए फांसी की सजा सुनाई गई है। चश्मदीद व हत्यारोपी के भतीजे ने बताया कि चार बीघा जमीन विवाद को लेकर विकास सिंह ने साल 2012 में अपने चाचा अरुण सिंह की हत्या कर दी थी। इस मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा पहले ही मिल चुकी है। लेकिन साल 2017 में अपनी चाची मुन्नी देवी की हत्या का मामला भी न्यायालय में लंबित है।

दिवाली की रात तिहरे हत्याकांड को दिया अंजाम

इन दोनों मामलों में उसके सगे भाई कुणाल सिंह (मृतक) प्रमुख गवाह थे। आरोप है कि विकास सिंह गवाही नहीं देने को लेकर अपने भाई पर दबाव बना रहा था। इनकार करने पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर साल 2019 में दिवाली की रात तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिया। हत्या के संबंध में कहा जा रहा है कि 27 अक्टूबर 2019 की रात करीब 10 बजे आरोपी ने अपने भाई कुणाल सिंह, भाभी कंचन देवी और 17 वर्षीय भतीजी सोनम कुमारी की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद घर से निकलते समय उसका सामना भतीजे शिवम कुमार से हुआ। आरोप है कि आरोपी ने शिवम के सीने पर पिस्तौल सटाकर गोली चलाई, लेकिन संयोगवश गोली नहीं चली और उसकी जान बच गई। शिवम जब घर के अंदर गया तो उसने अपने माता-पिता और बहन को खून से लथपथ पाया, जिससे दिवाली की खुशियां पलभर में मातम में बदल गई थीं।

अभियोजन की मजबूत पैरवी

इस चर्चित मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से एपीपी राम प्रकाश यादव ने प्रभावी पैरवी की। अदालत में बाबू साहब सिंह, विजय सिंह, डॉक्टर संजय कुमार, सत्यम कुमार, प्रत्यक्षदर्शी शिवम कुमार और शोधकर्ता मनीष कुमार सिंह समेत कई महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही कराई गई। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई।

इस ऐतिहासिक फैसले ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि गंभीर अपराध करने वालों को कानून बख्शेगा नहीं। बेगूसराय न्यायालय का यह निर्णय न केवल पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि जिले में कानून व्यवस्था को लेकर भी एक सख्त संकेत माना जा रहा है। फैसले के बाद न्यायालय परिसर और पूरे जिले में इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Cities News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।

Pushpendra Kumar
Pushpendra Kumar author

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ... और देखें

End of Article