Digital Arrest Scam: आज के आधुनिक युग में टेक्नोलॉजी हमारे जीवन के हर हिस्से से जुड़ी है। टेक्नोलॉजी ने जिंदगी को आसान बनाया है। लेकिन साथ ही यह अपने साथ कुछ गंभीर दिक्कतें भी लेकर आयी है। खासतौर पर अपराधी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके लोगों के जीवनभर की कमाई को कुछ ही क्षणों में गायब कर देते हैं। साइबर ठगी (Cyber Fraud) के ऐसे मामले अक्सर सामने आते रहते हैं।
साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट के कई मामले तो बिल्कुल फिल्मी कहानी की तरह लगते हैं, लेकिन होते बिल्कुल सच्चे हैं। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठग लोगों को कुछ घंटों से लेकर कई दिनों तक अपनी गिरफ्तर में रखते हैं। इस दौरान वह उस व्यक्ति को कभी भी स्क्रीन से दूर नहीं होने देते, किसी बात नहीं करने देते और उन्हें हर समय सबसे अलग बंद कमरे में रहने को मजबूर किया जाता है। जबकि सरकार की तरफ से, पुलिस की तरफ से बार-बार बताया जाता है कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई कानून या कानूनी प्रक्रिया है ही नहीं। बल्कि यह तो साइबर अपराधियों की बनाई हुई एक सबसे खतरनाक और बड़ी साजिश है।
छोटा बच्चा छोटा नहीं रहा, परिवार को बचा लिया
बरेली में साइबर ठगी का एक ऐसा ही मामला सामने आया है। जिसमें साइबर ठगों ने खुद को एटीएस अधिकारी बताकर एक परिवार को आतंकवाद से जुड़े होने का डर दिखाया और वीडियो कॉल के जरिए घंटों बंधक बनाए रखा। यही नहीं, इस दौरान साइबर ठगों ने उनसे बैंक खातों से लेकर पूरी जमा पूंजी की जानकारी हासिल कर ली गई। लेकिन परिवार के एक सिर्फ 14 साल के बच्चे की समझदारी ने परिवार की जिंदगी भर की कमाई लुटने से लचा ली। अब पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है।
एक कॉल ने परिवार में हलचल पैदा कर दी
बरेली का यह पूरा मामला थाना प्रेम नगर इलाके का है। यहां रहने वाले संजय सक्सेना अपनी पत्नी और इकलौते बेटे के साथ रहते हैं। उनकी पत्नी एक निजी स्कूलों में टीचर हैं। जबकि संजय सक्सेना एक जनरल स्टोर चलाते हैं। उनका बेटा तन्मय आठवीं कक्षा में बढ़ता है। 2 दिन पहले आई एक कॉल ने इस छोटे से तीन लोगों के परिवार में हलचल मचा दी। हलचल ऐसी की परिवार बर्बाद होने की दहलीज पर पहुंच गया।
'आप लोगों के आतंकवादियों से संबंध हैं'
साइबर ठगों ने संजय सक्सेना को फोन करके स्वयं को एटीएस अधिकारी बताया। उन्होंने कहा आप लोगों के आतंकवादियों से संबंध हैं। आपके खातों में सैकड़ों करोड़ का लेनदेन किया गया है। सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले संजय सक्सेना डर गए। वीडियो कॉल पर वर्दी वाला ऑफिसर देख पूरा परिवार दहशत में आ गया। इसके बाद तीन लोगों के इस छोटे से परिवार को वीडियो कॉल के जरिए ठगों ने बंधक बना लिया। खाना-पीना, उठना-बैठना सब वीडियो कॉल के सामने ही चल रहा था। इस दौरान साइबर ठगों ने उनसे उनके बैंक खातों से लेकर पूरी जमा पूंजी की जानकारी भी जुटा ली।
परिवार का रो-रो कर बुरा हाल
लगातार 10 घंटे तक बंधक रहने के बाद आखिरकार 14 साल के बेटे तन्मय की हिम्मत जवाब दे गई। उसने अपने पापा से तुरंत पुलिस की मदद लेने की बात कही। इकलौते बेटे की हिफाजत के लिए संजय ने बेटे को डपट दिया। कुछ देर बेटा शांत रहा, लेकिन वह माता-पिता का ये हाल देखा नहीं पा रहा था। माता-पिता घर में बने हुए मंदिर के सामने बैठकर रो-रो कर परिवार की सलामती बनाए रखने की दुआएं करते रहे।
14 साल के बेटे ने दिखाई हिम्मत और फिर...
इस दौरान साइबर ठग लगातार धमकी देते रहे और बेटे तन्मय ने हिम्मत जुटाकर फोन कॉल को डिस्कनेक्ट कर 1930 पर पुलिस को कॉल कर दी। बरेली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिवार को साइबर ठगों से मुक्त करवाया। अब पुलिस ने परिवार की शिकायत पर मुकदमा दर्ज करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जो डर गया, वह लुट गया
अब अपर पुलिस महानिदेशक बरेली जोन की ओर से साइबर ठगों के खिलाफ ऑपरेशन छेड़ दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगी के खिलाफ जागरूकता ही बचाव है। पुलिस के मुताबिक जो डर गया वह लुट गया। दरअसल ठग कभी सीबीआई अफसर बनकर तो कभी इनकम टैक्स ऑफिसर बनकर और कभी सुप्रीम कोर्ट का जज बनकर वीडियो कॉल करते हैं। अधिकारियों का साफ तौर पर कहना है कि साइबर ठगी के मामले में जागरूकता ही बचाव है। फिलहाल अब अपर पुलिस महानिदेशक बरेली जोन के आदेश के बाद अब बरेली सहित आसपास के जिलों में साइबर ठगी के खिलाफ मुहिम तेज कर दी गई है।
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