Aligarh News: कुछ ही दिनों में ईद-उल-अज़हा यानी बकरीद आने वाली है। 27 या 28 मई को देशभर में बकरीद (Bakrid 2026) का त्योहार मनाया जाएगा। कुर्बानी के इस पर्व को लेकर मुस्लिम समाज में बड़ा उत्साह है। लेकिन इस बीच अलीगढ़ में इस धार्मिक आयोजन को लेकर प्रशासनिक रवैये को लेकर नई बहस भी छिड़ गई है। इधर मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती अब्दुल्ला नदवी ने सरकार से खास अपील की है।
मौलाना नदवी ने सरकार के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' नारे पर सवाल खड़ा किया। इसके साथ ही उन्होंने ईद के अवसर पर सड़क पर नमाज अदा करने की मंजूरी देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सड़कें बंद की जा सकती हैं, ईद की नमाज के लिए डेढ़ घंटे का समय देनें में आखिर क्या दिक्कत है।
कांवड़ के लिए सड़क रोकी जाती है, उसका समर्थन है
मुफ्ती अब्दुल्ला नदवी ने काफी तीखे लहजे में कहा कि कांवड़ यात्रा के समय प्रशासन खुद एक तरफ का रास्ता बंद कर श्रद्धालुओं को बिना किसी दिक्कत के आवागमन की सुविधा देता है। उन्होंने कहा, उन्हें कांवड़ के समय ऐसी व्यवस्था से किसी तरह की आपत्ति नहीं है, बल्कि वह इसका समर्थन करते हैं, क्योंकि हर धर्म को अपने त्योहार मनाने की स्वतंत्रता और सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, लेकिन सवाल तब उठता है, जब मुसलमानों की ईद की नमाज को लेकर सख्ती दिखाई जाती है। सड़क पर नमाज की अनुमति तक नहीं दी जाती।
सिर्फ डेढ़ घंटे के लिए सड़क बंद कर दें
मुफ्ती नदवी ने कहा, ईद साल में सिर्फ दो बार आती है और नमाज अधिकतम एक से डेढ़ घंटे तक चलती है। ऐसे में प्रशासन अगर थोड़े से समय के लिए ईदगाह वाले रास्ते को नियंत्रित कर दे, तो इससे किसी को बड़ी परेशानी नहीं होगी। मुफ्ती ने उदाहरण देते हुए कहा कि शहर में रेलवे रोड निर्माण के चलते कई दिनों तक ट्रैफिक डायवर्ट रहता है और सड़कें बंद रहती हैं। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, फिर धार्मिक आयोजन के वास्ते सीमित समय के लिए व्यवस्था क्यों नहीं की जा सकती।
उन्होंने प्रशासन से ईदगाह मार्ग पर नमाज के दौरान अस्थायी रूप से ट्रैफिक मुक्त करने की मांग की, ताकि मुस्लिम समुदाय को समान व्यवहार का एहसास हो सके। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मुद्दे पर प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर औपचारिक मांग रखी जाएगी।
विश्व हिंदू परिषद को ऐतराज
बता दें कि बकरीद से पहले सड़क पर नमाज और ईदगाह मार्ग पर ट्रैफिक रोकने की मांग मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती अब्दुल नबी ने की थी। मुफ्ती नबी के बयान पर विश्व हिंदू परिषद ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने इसे शहर के सौहार्द व कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बताया है। विहिप के ब्रज प्रांत मीडिया प्रमुख प्रतीक रघुवंशी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सड़क पर नमाज की मांग पूरी तरह से अनुचित है और इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
माहौल को जानबूझकर विवादित बनाने की कोशिश
प्रतीक रघुवंशी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही साफ निर्देश दे चुके हैं कि सार्वजनिक सड़कों पर नमाज की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने बार-बार इस तरह की मांग उठाने को शासन के आदेश की खुली अवहेलना करार दिया। यही नहीं उन्होंने सड़क पर नमाज के मुद्दे की तुलना कांवड़ यात्रा से करने को माहौल को जानबूझकर विवादित बनाने की कोशिश बताया।
उन्होंने कहा कि कांवड़ एक लंबी धार्मिक यात्रा है, जिसके लिए प्रशासन सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्था करता है। सड़क पर नमाज की मांग को उससे जोड़ना दुर्भावनापूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग शहर की शांति और भाईचारे को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Cities News in Hindi) अपडेट और ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।
