कांग्रेस नेता राहुल गांधी संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। राहुल गांधी शुक्रवार को अचानक संसद मार्ग थाने पहुंचे और पैलेट गन केस में पुलिस ने कार्रवाई का अपडेट मांगा। राहुल गांधी के साथ पैलेट गन का शिकार हुआ युवक साहिल भी था। राहुल गांधी साहिल को साथ ले, अपडेट लेने गए थे।
पुलिस कर्मियों के खिलाफ FIR की मांग
दरअसल आज राहुल गांधी ने पैलेट गन चलाने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर की मांग करते हुए साहिल की शिकायत पर जवाब मांगा था। इस दौरान उन्होंने डीसीपी से मुलाकात भी। बातचीत जब फेल हो गई तब राहुल गांधी धरने पर बैठ गए।
कांग्रेस ने क्या कहा?
राहुल गांधी के धरने पर बैठने के बाद कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा, "कोई FIR नहीं। कोई न्याय नहीं। इसलिए हम धरने पर बैठे हैं। दिल्ली पुलिस ने साहिल लोचव पर पैलेट गन से हुए हमले के मामले में FIR दर्ज करने से इनकार कर दिया। उन्होंने 14 तारीख को लिखित शिकायत दी थी। पुलिस ने उन्हें I/O नंबर तक नहीं दिया। उन्होंने 17 तारीख को फिर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उनके ईमेल और कॉल को नजरअंदाज कर दिया।
आज, विपक्ष के नेता राहुल गांधी पीड़ित के साथ DCP ऑफिस के बाहर धरने पर बैठे हैं। DCP अभी भी न तो किसी जांच अधिकारी का नाम बता रहे हैं और न ही FIR दर्ज कर रहे हैं। यह सिर्फ़ देरी नहीं है। यह न्याय से इनकार है। जब तक FIR दर्ज नहीं हो जाती, हम यहां से नहीं हटेंगे।"
क्या है पूरा मामला?
कांग्रेस की ओर से दी गई जानकारी और दावों के अनुसार "अमित शाह ने देश के बच्चों पर पैलेट गन चलवाई, जिसमें साहिल को पैलेट लगने से आंख में गंभीर चोट आई थी। साहिल और उसकी मां लगातार पुलिस के पास जाकर FIR दर्ज कराने की मांग कर रहे थे, जिसे पुलिस नजरअंदाज कर रही थी। इसलिए आज नेता विपक्ष राहुल गांधी साहिल और उसकी मां के साथ पुलिस अधिकारियों से मिले और जांच की जानकारी मांगी। साहिल की कंप्लेन पर INVESTIGATION NUMBER ही नहीं दिया गया है, जिससे कि FIR दर्ज हो सके। AIIMS से भी साहिल की MLC (Medico Legal Case) रिपोर्ट नहीं दी गई है, जिसको कि कंप्लेन और FIR में लगाया जा सके। ये सरासर अन्याय है। अमित शाह और दिल्ली पुलिस सुन लें- ये तानाशाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। छात्रों के न्याय के लिए हम पूरी ताकत से लड़ते रहेंगे।"
