Ghar Ghar Solar : बिहार में छतों पर सौर ऊर्जा (रूफटॉप सोलर) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल की शुरुआत हुई है। टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (TPREL) ने राज्य में 'घर-घर सोलर' अभियान लॉन्च किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य अगले तीन वर्षों में बिहार के 5 लाख घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाना और लोगों को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है।
पटना में हुई योजना की भव्य शुरुआत
इस योजना का औपचारिक शुभारंभ पटना में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान किया गया। इस मौके पर बिहार ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव, टाटा पावर के सीईओ व एमडी प्रवीर सिन्हा और TPREL के सीईओ व एमडी संजय बांगा विशेष रूप से मौजूद रहे। अधिकारियों का मानना है कि यह पहल राज्य में हरित और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।
केंद्र और राज्य की सब्सिडी मिलाकर मिलेगा बड़ा फायदा
योजना के तहत आम उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देने के लिए बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बिहार कैबिनेट ने हाल ही में 'प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना' के अंतर्गत प्रति किलोवाट 10,000 रुपये की अतिरिक्त राज्य सब्सिडी मंजूर की है। इस फैसले के बाद अब उपभोक्ताओं को मिलने वाली कुल सब्सिडी (केंद्रीय + राज्य) काफी बढ़ गई है:-
- 1 किलोवाट सिस्टम: कुल सब्सिडी 40,000 रुपये
- 2 किलोवाट सिस्टम: कुल सब्सिडी 80,000 रुपये
- 3 किलोवाट या अधिक सिस्टम: कुल सब्सिडी 98,000 रुपये
जागरूकता की कमी दूर करने का प्रयास
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक टाटा पावर के सीईओ प्रवीर सिन्हा के अनुसार, देश भर में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना लागू होने के बावजूद बिहार इसमें अपेक्षित तेजी से आगे नहीं बढ़ सका था। 'घर-घर सोलर' अभियान इसी कमी और अंतर को दूर करने का काम करेगा। वहीं TPREL के प्रमुख संजय बांगा ने बताया कि महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों की तुलना में बिहार सोलर पैनल अपनाने में पीछे है। जबकि बिहार में बिजली की दरें 7.50 रुपये से 8 रुपये प्रति यूनिट तक हैं, जो काफी अधिक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में सौर ऊर्जा न अपनाने की वजह बजट या वहनीयता नहीं, बल्कि सही जानकारी और जागरूकता की कमी है।
सस्ती बिजली और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर कदम
यह अभियान न केवल बिहार में स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देगा, बल्कि आम लोगों के बिजली बिल का बोझ भी काफी हद तक कम करेगा। छतों पर सोलर पैनल लगाने से उपभोक्ताओं को लॉन्गटर्म आर्थिक लाभ मिलेगा और राज्य ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ेगा।
