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Ayodhya: राम मंदिर में आधी से भी कम हुई श्रद्धालुओं की भीड़, भक्त-भगवान के लिए की गई खास व्यवस्थाएं

उत्तर प्रदेश में भीषण लू के कारण अयोध्या राम मंदिर में भक्तों की संख्या में भारी गिरावट आई है। जानें रामलला के खान-पान और पहनावे में हुए बदलावों के साथ प्रशासन के विशेष इंतजामों की पूरी जानकारी।

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रामलला को भी लगाया जा रहा है ठंडा भोग

Ayodhya Heatwave: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का सितम जारी है, जिसका सीधा असर अब अयोध्या में उमड़ती भक्तों की भीड़ पर भी दिखने लगा है। अयोध्या में पारा 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने के साथ ही राम मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

श्रद्धालुओं की संख्या में 60% की कमी

अयोध्या नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सामान्य दिनों में राम मंदिर में प्रतिदिन एक लाख से अधिक भक्त दर्शन के लिए पहुंचते थे। लेकिन भीषण गर्मी और लू के चलते अब यह संख्या घटकर 40,000 से भी नीचे आ गई है। शनिवार को अयोध्या का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और मौसम विभाग (IMD) का अनुमान है कि अगले 72 घंटों तक पारा 40 डिग्री से ऊपर ही बना रहेगा।

भक्तों के लिए किए गए इंतजाम

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने बताया कि भक्तों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर में करीब 3,000 लोगों की क्षमता वाला एयर-कूल्ड वेटिंग हॉल बनाया गया है। अयोध्या के मेयर गिरीश पति त्रिपाठी के अनुसार, नगर निगम राम पथ और आसपास के इलाकों में तापमान कम करने के लिए फॉगिंग मशीनों से पानी का छिड़काव कर रहा है।

भगवान को भी लग रही गर्मी

भीषण गर्मी को देखते हुए भगवान रामलला की दिनचर्या और भोग में भी मानवीय संवेदनाओं के अनुरूप बदलाव किए गए हैं। रामलला को अब लस्सी, फलों का रस और दही जैसे शीतल पेय चढ़ाए जा रहे हैं। शहद, दही, घी और पानी का एक विशेष मिश्रण स्वर्ण पात्र में अर्पित किया जा रहा है। बाल स्वरूप रामलला को अब भारी पोशाकों के स्थान पर हल्के सूती या मुलायम रेशमी वस्त्र पहनाए जा रहे हैं। शीतल जल से स्नान कराया जा रहा है और गर्भगृह में विशेष कूलर लगाए गए हैं ताकि वहां का तापमान कम रहे।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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