Ayodhya Deepotsav 2026: राम नगरी अयोध्या में दीपोत्सव के भव्य आयोजन के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। नवंबर में होने वाले इस भव्य दीप पर्व को लेकर जिला प्रशासन ने विभिन्न विभागों और संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय बैठक कर तैयारियों की रूपरेखा तय की है। मंडलायुक्त राजेश कुमार के अनुसार, बैठक में पुलिस प्रशासन समेत सभी संबंधित विभागों को उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। साथ ही पिछले आयोजनों के अनुभवों के आधार पर व्यवस्थाओं में जरूरी सुधार करने पर भी चर्चा हुई। मंडलायुक्त ने बताया कि इस बार भी अयोध्या में भव्य स्तर पर दीपोत्सव आयोजित किया जाएगा। आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए तैयारियां लगातार आगे बढ़ाई जा रही हैं। प्रशासन का विशेष जोर दीपोत्सव के दौरान पूरे शहर की साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने पर रहेगा, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी तरह की परेशानी न हो।
14-कोसी और 5-कोसी परिक्रमा की तैयारियों की भी समीक्षा
इसके साथ ही 14-कोसी और 5-कोसी परिक्रमा की तैयारियों की भी समीक्षा की जा रही है। संबंधित विभागों को जरूरी व्यवस्थाएं समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। राम की पैड़ी और घाटों पर होने वाले कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए वहां चल रहे निर्माण कार्यों को भी निर्धारित कार्यक्रमों से पहले पूरा करने को कहा गया है। अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमन वर्मा ने बताया कि दीपोत्सव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। यातायात व्यवस्था और आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि त्योहार के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करता है अयोध्या दीपोत्सव
हर साल दीपोत्सव के दौरान अयोध्या नगरी लाखों दीयों की रोशनी से जगमगा उठती है। यह आयोजन भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की स्मृति में मनाया जाता है। सरयू नदी के घाटों, मंदिरों और शहर की गलियों में जलाए जाने वाले दीपक पूरे शहर को बेहद आकर्षक और आध्यात्मिक आभा से भर देते हैं। इस भव्य आयोजन को देखने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक अयोध्या पहुंचते हैं। साल 2025 में भी अयोध्या में दीपोत्सव के दौरान सरयू नदी के तट पर बड़े पैमाने पर दीप जलाए गए थे। इस आयोजन में 22.23 लाख से अधिक दीये प्रज्वलित किए गए, जिसके बाद अयोध्या के दीपोत्सव ने एक बार फिर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया।
