Assam Flood: असम के कई हिस्सों में बाढ़ का कहर लगातार जारी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, गोलाघाट, जोरहाट, शिवसागर, चराइदेव और धेमाजी जिले इस समय भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। कुल 21 राजस्व मंडलों के 335 गांव पानी में डूब चुके हैं, 1,36,203 लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि 15,422 हेक्टेयर फसल क्षेत्र पूरी तरह से तबाह हो गया है, जिससे किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है।
शिवसागर सबसे ज्यादा प्रभावित, 3 की मौत
बाढ़ के कारण मानवीय तबाही भी बढ़ी है। शिवसागर जिले में बाढ़ से तीन लोगों की मौत की खबर है, जबकि दो लोग अभी भी लापता हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी भी शहरी क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति दर्ज नहीं की गई है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल प्रभावित इलाकों में लगातार राहत एवं बचाव कार्य चला रहे हैं। असम सरकार के मंत्री पीयूष हजारिका ने शिवसागर जिले के डेमो और नजीरा विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे राहत और पुनर्वास कार्यों का जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंने बाढ़ से प्रभावित किसानों को सहायता प्रदान करने के लिए कृषि विभाग द्वारा उठाए गए कदमों की भी समीक्षा की।
6 देशी नावों के सहारे बचाई 1,000 से अधिक जिंदगियां
आपदा के इस कठिन समय में शिवसागर के नेपाली खूंटी क्षेत्र के ग्रामीणों की बहादुरी और एकजुटता की मिसाल सामने आई है। 19 जुलाई को जब घरों में अचानक बाढ़ का पानी घुस गया, तो ग्रामीणों ने अपने स्तर पर 6 देशी नावों की मदद से 5 गांवों के 1,000 से अधिक लोगों का सफल रेस्क्यू किया। पानी का स्तर इतनी तेजी से बढ़ा है कि लोगों को छतों, मचानों और पेड़ों की टहनियों पर शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।
मुख्यमंत्री राहत कोष में उद्योग जगत से मदद
असम में आई इस भीषण प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए राहत कोष में मदद के हाथ भी आगे बढ़े हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) में गौतम अडानी द्वारा दिए गए 11 करोड़ और रिलायंस फाउंडेशन द्वारा दिए गए 21 करोड़ के योगदान के लिए उनका आभार व्यक्त किया है।
