मार्च खत्म होने को है और अब अप्रैल की गर्मी को लेकर लोग डरे हुए हैं। हो भी क्यों नहीं, मार्च की शुरुआत में ही भीषण गर्मी ने एक ट्रेलर तो दे दिया था। वो तो भला हो एक के बाद एक आए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का, जिनके कारण तापमान में बड़ी गिरावट आई। मार्च के दूसरे हफ्ते से बारिश और आंधी के साथ कई जगहों पर ओले भी गिरे और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी होने से एक बार फिर सर्दी जैसा मौसम लौट आया। अगर आप अप्रैल में गर्मी को लेकर चिंतित हैं तो आपकी चिता दूर करने के लिए और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आ रहे हैं। इन वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते अप्रैल की शुरुआत भी हवाओं और बारिश से होगी। कुल मिलाकर अप्रैल भी ठंडा-ठंडा, कूल-कूल निकल जाएगा।
मौसम विभाग के अनुसार अप्रैल के अंत तक लू (हीट वेव) जैसे हालात नहीं होंगे। पूरे अप्रैल के महीने नियमित अंतराल पर बारिश की बूंदें गिरकर, तापमान को भी गिराएंगी और आसमान में बादलों का डेरा रहेगा जो तापमान को बढ़ने नहीं देगा। लगातार इस तरह की मौसम संबंधी घटनाओं के चलते उत्तर भारत और सेंट्रल इंडिया के ज्यादातर हिस्सों में तापमान नॉर्मल से कम रहेगा, यानी आपके लिए कंफर्टेबल रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार पूरे उत्तर-पश्चिमी भारत और सेंट्रल इंडिया में कम से कम 20 अप्रैल तक तापमान सामान्य से 2-5 डिग्री सेल्सियस नीचे ही रहेगा।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश के आसार
कल यानी रविवार 29 मार्च को उत्तर-पश्चिमी भारत के कई इलाकों में हल्की बारिश देखने को मिली। मौसम विभाग के अनुसार आज सोमवार को भी दिल्ली में तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इसके साथ ही कल यानी मंगलवार 31 मार्च को दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश हो सकती है। इसके अलावा आगामी 2 अप्रैल को एक और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आने वाला है, जिसके चलते शुक्रवार 3 और शनिवार 4 अप्रैल को भी दिल्ली-एनसीआर में बूंदाबांदी हो सकती है।
आखिर क्यों ठंडे पड़ गए हैं गर्मी के तेवर
आमतौर पर अप्रैल का महीना ऐसा होता है, जब गर्मी अपने तेवर दिखाने लगती है। सूरज सिर के ऊपर चमककर हर किसी को पसीने से तर कर देता है। लेकिन इस साल अप्रैल का महीना अपेक्षाकृत कूल-कूल ही गुजरने की उम्मीद है। क्योंकि एक के बाद एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आने वाले हैं। दरअसल वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक वेदर सिस्टम है जो भूमध्य सागर से शुरू होता है। इस वेदर सिस्टम अपने साथ नमी युक्त बादलों को लेकर उत्तर और उत्तर पश्चिमी भारत में पहुंचता है। यहां वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते बारिश और तूफान आते हैं। मौसम विभाग के अनुसार अभी ऐसे कई वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव हैं, जो कूलृ-कूल अप्रैल का भरोसा दे रहे हैं।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हिमालयी राज्यों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश, थंडरस्टॉर्म और तेज हवाएं चलती हैं। मौसम विभाग के अनुसार इन वेदर सिस्टम के चलते अप्रैल में गर्मी से राहत रहेगी, जबकि मार्च की शुरुआत में ही अचानक बहुत ज्यादा गर्मी बढ़ गई थी। मार्च की शुरुआत में सर्दियां धीरे-धीरे प्रस्थान कर रही होती हैं, लेकिन इस साल मौसम अचानक बदल गया था। मार्च 2026 के पहले हफ्ते में गर्मी ने पिछले 15 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया था, जब कई जगह तापमान सामान्य से 4-12 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा रिकॉर्ड किया गया था। गुजरात और राजस्थान के कई इलाकों में तो तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था और समय से पहले ही हीटवेव जैसे हालात बन गए थे।
IMD ने दिया हीटवेव का अलर्ट
IMD ने अपने सीजनल आउटलुक में बताया था कि मार्च और मई 2026 में सामान्य से ज्यादा दिन हीटवेव का सामना करना पड़ेगा और गर्मी झेलनी पड़ेगी। लेकिन इन एक्टिव वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते फिलहाल शॉर्ट-टर्म पिक्चर तो बदल गई है। मौसम विभाग के अनुसार 9 अप्रैल तक किसी तरह की हीट वेव का सामना नहीं करना पड़ेगा। यही नहीं IMD के अनुसार इस दौरान देश के ज्यादातर हिस्सों में तापमान भी सामान्य से नीचे ही बना रहेगा।
