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कैप्टन स्मित पर हमला करने वाला को-पायलट था कट्टरपंथी, सीरिया से जुड़े थे तार, जानिए कौन है 'हमाम अल हम्मामी'

फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 में कैप्टन स्मित पर हमला करने वाले ओमानी को-पायलट की पहचान हो गई है। उसका नाम 'हमाम अल-हम्मामी' है और जांच में पता चला है कि चरमपंथी विचारों के कारण आरोपी ओमान में बैन था।

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ओमान के सनकी को-पायलट की हुई पहचान

Photo : AP

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर जानलेवा हमला करने और विमान को क्रैश कराने की कोशिश करने वाले ओमान के को-पायलट की पहचान हमाम अल हम्मामी (Hamam Alhamami) के रूप में हुई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अलहमामी के संबंध उग्रवादी और कट्टरपंथी विचारधारा से रहे हैं और वह पहले भी अपनी गतिविधियों के कारण सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था।

ओमान में उड़ान भरने पर लगा था प्रतिबंध, सीरिया में बीता ज्यादातर वक्त

अंतरराष्ट्रीय समाचार चैनल अल अरेबिया इंग्लिश और CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, अल हम्मामी ने अपनी जिंदगी का ज्यादातर हिस्सा ओमान से बाहर, विशेष रूप से सीरिया में बिताया था। आशंका है कि सीरिया प्रवास के दौरान ही वह चरमपंथी विचारधारा के प्रभाव में आया। कट्टरपंथी विचारों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण ओमान के उड्डयन प्राधिकरण ने उसे विमान उड़ाने से रोक दिया था। CNN के अनुसार, उसे ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन के ट्रेनिंग प्रोग्राम से भी निकाल दिया गया था, हालांकि बाद में एयरलाइन में उसे कोई अन्य गैर-उड़ान भूमिका दे दी गई थी। आरोपी का जन्म संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हुआ था, उसके पिता ओमानी और मां सीरियाई नागरिक हैं। वह आठ महीने पहले ही फ्लाईदुबई एयरलाइन में शामिल हुआ था।

सामान में मिले 'फ्री फलस्तीन' के पर्चे

इजराइली न्यूज चैनल i24 News ने एक अमिराती सूत्र के हवाले से बताया कि आरोपी को-पायलट के सामान की तलाशी लेने पर "फ्री फलस्तीन" समूहों के पैम्फलेट, साहित्य और इजराइल विरोधी सामग्री बरामद हुई है। जांचकर्ताओं का कहना है कि आरोपी कई बार इजराइल के प्रति अपनी नफरत और कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा का खुलकर समर्थन कर चुका था।

ओमान का पायलट इजराइल की फ्लाइट में कैसे?

इस सनसनीखेज घटना के बाद सुरक्षा मोर्चे पर सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि ओमान, जिसके इजराइल के साथ कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं, उसके नागरिक को तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट के कॉकपिट में कैसे तैनात किया गया? इजराइली अधिकारी ने CNN को बताया कि इजराइल की शीर्ष खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां, शिन बेट, मोसाद, इजराइली सेना और परिवहन मंत्रालय। संयुक्त रूप से इस बात की जांच कर रही हैं कि सुरक्षा समीक्षा में यह चूक कैसे हुई और आरोपी को इस संवेदनशील रूट पर उड़ान की अनुमति कैसे मिली।

UAE में आतंकवाद रोधी धाराओं के तहत जांच जारी

30 सितंबर को 34,000 फीट की ऊंचाई पर हुए इस हमले में कैप्टन स्मित मच्छार के शरीर पर चाकू के कई गंभीर घाव आए थे। इसके बावजूद उन्होंने साहस दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों की मदद से हमलावर को बंधवा दिया, जिससे तकरीबन 180 लोगों की जान बच सकी। सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग के बाद आरोपी को हिरासत में लिया गया था। अब उसे आगे की कानूनी कार्रवाई और आतंकवाद से जुड़ी गहन जांच के लिए UAE ट्रांसफर कर दिया गया है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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