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सट्टे के कर्ज में डूबे एयरफोर्स कॉर्पोरल ने रची थी ₹1.51 करोड़ की लूट; 2 साल बाद दिल्ली से गिरफ्तार, व्यापारी को मारी थी गोली

अहमदाबाद के माणेकचौक में 2024 में हुई ₹1.51 करोड़ की ज्वेलरी लूट और फायरिंग मामले का पुलिस ने करीब दो साल बाद बड़ा खुलासा किया है। इस सनसनीखेज वारदात में भारतीय वायुसेना के एक कॉर्पोरल की गिरफ्तारी ने जांच को नई दिशा दे दी है।

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अहमदाबाद पुलिस की बड़ी सफलता

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Ahmedabad News: अहमदाबाद के माणेकचौक स्थित एक ज्वेलरी शोरूम में साल 2024 में हुई ₹1.51 करोड़ की सनसनीखेज लूट और फायरिंग के मामले का पुलिस ने लगभग दो साल बाद खुलासा कर दिया है। जोन-3 एलसीबी और खाडिया पुलिस ने इस मामले में भारतीय वायुसेना (एयरफोर्स) के एक कॉर्पोरल को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने सट्टे में हुए भारी कर्ज को चुकाने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया था।

एयरफोर्स की 7 BRD यूनिट में कॉर्पोरल के पद पर तैनात

गिरफ्तार आरोपी की पहचान दीपक रमेश प्रताप सिंह भुकेर (31) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से झज्जर (हरियाणा) का रहने वाला है और वर्तमान में तुगलकाबाद, नई दिल्ली स्थित एयरफोर्स की 7 BRD यूनिट में कॉर्पोरल के पद पर तैनात है। पुलिस के मुताबिक, 16 जुलाई 2024 की दोपहर आरोपी लाल टोपी और चेहरे पर रूमाल बांधकर माणेकचौक के फतासा पोल स्थित एक सर्राफा दुकान में घुसा। उसने पिस्तौल दिखाकर दुकान से सोने की चेन, अंगूठियां, गोल्ड बिस्किट, करीब 10 किलो चांदी और नकदी सहित कुल ₹1.51 करोड़ का माल लूट लिया। विरोध करने पर उसने दुकानदार के पिता के पैर में गोली मार दी और फरार हो गया।

जांच में क्या आया सामने?

जोन-3 की डीसीपी रूपल सोलंकी ने बताया कि मामले की जांच के दौरान अहम सुराग जामनगर में हुई एक अनसुलझी चोरी से मिला। जांच में सामने आया कि जामनगर में एक रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी के घर से चोरी हुई सर्विस रिवॉल्वर का इस्तेमाल ही माणेकचौक लूटकांड में किया गया था। इसके बाद खाडिया पुलिस इंस्पेक्टर वी.एम. लंगारिया, जोन-3 एलसीबी और सर्विलांस टीम ने तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच आरोपी तक पहुंची, जिसके बाद पुलिस टीम दिल्ली पहुंची और एयरफोर्स अधिकारियों के सहयोग से आरोपी के बैरक की तलाशी ली। वहां से वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्तौल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

पुलिस जांच और तकनीकी निगरानी की अच्छी जानकारी

पुलिस के अनुसार, एयरफोर्स के तकनीकी विंग में कार्यरत होने के कारण आरोपी को पुलिस जांच और तकनीकी निगरानी की अच्छी जानकारी थी। पहचान छिपाने के लिए वह फर्जी आधार कार्ड और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर होटल में ठहरता था। फिंगरप्रिंट न छूटें, इसके लिए उसने उंगलियों पर पट्टियां बांध रखी थीं। वारदात के बाद आरोपी ने पुलिस को चकमा देने के लिए करीब दो किलोमीटर के दायरे में चार अलग-अलग ऑटो-रिक्शा बदले और रास्ते में अपने कपड़े भी बदल लिए।

सट्टा खेलने की लत और सिर पर कर्ज का बोझ

पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसे सट्टा खेलने की लत थी और इसी कारण उस पर भारी कर्ज हो गया था। कर्ज चुकाने के लिए उसने लूट की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार वह पहले जामनगर एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात रह चुका था और वहीं से उसे अहमदाबाद के माणेकचौक के ज्वेलरी बाजार की जानकारी मिली। घटना से दो दिन पहले वह अहमदाबाद पहुंचा, होटल में रुका, रेकी की और फिर लूट को अंजाम दिया।

नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत भी सजा

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने जामनगर में एक सेवानिवृत्त एयरफोर्स अधिकारी के घर में चोरी कर उनकी सर्विस रिवॉल्वर चुराई थी। पुलिस का कहना है कि दोनों के बीच पहले पैसों का विवाद हुआ था और आरोपी को उस मामले में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत सजा भी हो चुकी थी। इसी रंजिश में उसने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक पिस्तौल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।

Dhruv Sanchania
ध्रुव संचानियाauthor

ध्रुव संचानिया गुजरात में टाइम्स नेटवर्क के सीनियर जर्नलिस्ट और ब्यूरो चीफ के पद पर कार्यरत हैं। ध्रुव ने प्रिंट, रेडियो, डिजिटल और टीवी पर शानदार काम किया है। क्राइम, इन्वेस्टिगेशन से लेकर इंसानी कहानियों तक में उनका काम गहराई से भरा होता है। जब वह हेडलाइन के पीछे नहीं भाग रहे होते तो वह सड़कों, सिनेमा और अगली छिपी हुई कहानी के पीछे भाग रहे होते हैं। उनका काम ऐसा है जो उन्हें अलग ला खड़ा करता है।

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